छत्तीसगढ़ में तंबाखू कारोबारी पर GST विभाग का शिकंजा, ठोका 317 करोड़ रुपए का जुर्माना

Edited By meena, Updated: 14 Jan, 2026 08:46 PM

in chhattisgarh the gst department has cracked down on a tobacco trader imposi

छत्तीसगढ़ वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने प्रतिबंधित तंबाखू उत्पाद के अवैध कारोबार में संलिप्त जिले के कारोबारी गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ रुपये का टैक्स एवं जुर्माना निर्धारित किया है...

दुर्ग: छत्तीसगढ़ वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने प्रतिबंधित तंबाखू उत्पाद के अवैध कारोबार में संलिप्त जिले के कारोबारी गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ रुपये का टैक्स एवं जुर्माना निर्धारित किया है। विभागीय जांच में सामने आया कि जुमनानी पिछले लगभग पांच वर्षों से ‘सितार' नामक तंबाखू युक्त गुटखा का निर्माण एवं वितरण कर रहा था, जबकि राज्य में इस उत्पाद पर पूर्ण प्रतिबंध है। जीएसटी अधिकारियों के अनुसार यह पूरा कारोबार सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था। गुटखे की पैकिंग के लिए अलग-अलग स्थानों पर गोदाम किराए पर लिए गए थे, जिनके रेंट एग्रीमेंट जुमनानी के पिता द्वारा किए जाते थे। इन्हीं परिसरों में मशीनों के माध्यम से पैकिंग कर गुटखा बोरों में भरकर बाजार में सप्लाई किया जाता था। जांच के दौरान कई वर्षों पुराने दस्तावेज और किरायानामे जब्त किए गए हैं।

विभागीय पड़ताल में यह भी सामने आया कि बाजार में मात्र दो रुपये में बिकने वाले इस गुटखे का उत्पादन अत्यधिक मात्रा में किया जा रहा था। तकनीकी जानकारी देने वाले व्यक्ति के अनुसार मशीन से प्रति मिनट सैकड़ों पैकेट तैयार होते थे और प्रतिदिन कई बारियां विभिन्न इलाकों में खपाए जाते थे। मजदूरों से सीमित दिनों में ही काम कराया जाता था ताकि गतिविधि पर संदेह न हो। जानकारी के मुताबिक जुलाई 2025 में जीएसटी विभाग ने जोरातराई और गनियारी स्थित फैक्ट्रियों पर छापा मारा था।

प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि इन स्थानों पर केवल पैकिंग की जाती थी, जबकि गुटखे का कच्चा माल गुरमुख जुमनानी के बेटे सागर की राजनांदगांव स्थित ‘कोमल फूड' नामक इकाई में तैयार किया जाता था। बाद में जांच टीम ने उस यूनिट की भी तलाशी ली, जहां वही मजदूर काम करते पाए गए जो अन्य पैकिंग स्थलों पर तैनात थे। जांच में यह भी सामने आया कि मजदूरों की व्यवस्था छिंदवाड़ा के एक लेबर कॉन्ट्रेक्टर के माध्यम से की जाती थी और उत्पादन रात के समय किया जाता था।

सरकारी रिकॉर्ड में बेटे की फैक्ट्री मीठी सुपारी निर्माण के लिए पंजीकृत है लेकिन वास्तविकता में वहां गुटखे का कच्चा माल तैयार किया जा रहा था। वर्ष 2021 से 2025 के बीच रायपुर, राजनांदगांव और दुर्ग जिलों में किराए के गोदाम लेकर इस अवैध कारोबार का विस्तार किया गया। जीएसटी कारर्वाई के बाद खाद्य विभाग ने संबंधित फैक्ट्री को सील किया था लेकिन बाद में शेड तोड़कर मशीनें और अन्य सामग्री निकाल ली गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार जुमनानी भविष्य में अन्य कारोबारों में भी प्रवेश की योजना बना रहा था। कानूनी पहलू की बात करें तो वर्ष 2023 में मोहन नगर थाना पुलिस ने गुरमुख जुमनानी और उसके एक रिश्तेदार को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। वर्तमान में जुमनानी जेल में बंद है और उसकी जमानत याचिका निचली अदालत से खारिज हो चुकी है। हाईकोटर् में दाखिल याचिका पर सुनवाई फिलहाल फरवरी तक के लिए टाल दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी के बाद वह फरार हो गया था और उसे पकड़ने में करीब दो माह का समय लगा।

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