Edited By meena, Updated: 16 Jan, 2026 08:24 PM

दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला घोटवानी के कक्षा तीसरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य...
धमधा (हेमंत पाल) : दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला घोटवानी के कक्षा तीसरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य से शैक्षिक भ्रमण पर ले जाया गया। इस दौरान बच्चों ने राजधानी रायपुर स्थित संस्कृत आदिवासी भवन, जंगल सफारी तथा ऐतिहासिक कौशल्या माता मंदिर का भ्रमण किया।
शैक्षिक भ्रमण के दौरान बच्चों ने छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति, परंपराओं, कला और जीवनशैली को नजदीक से देखा और समझा। संस्कृत आदिवासी भवन में प्रदर्शित जनजातीय वेशभूषा, उपकरण और सांस्कृतिक धरोहरों ने बच्चों में विशेष उत्सुकता जगाई। वहीं जंगल सफारी में वन्य जीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में देखकर बच्चों का रोमांच देखते ही बनता था।
इसके पश्चात विद्यार्थियों को ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले कौशल्या माता मंदिर ले जाया गया, जहां उन्हें छत्तीसगढ़ की प्राचीन संस्कृति, इतिहास और धार्मिक मान्यताओं की जानकारी दी गई। इस स्थल ने बच्चों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का कार्य किया।
शाला के प्रधान पाठक गिरधर सिंह राजपूत ने इस अवसर पर कहा कि “पुस्तक ज्ञान के साथ-साथ शैक्षिक भ्रमण बच्चों के बौद्धिक, मानसिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे बच्चों में देखने-समझने की क्षमता बढ़ती है और वे व्यवहारिक रूप से अधिक जागरूक बनते हैं।”

भ्रमण के दौरान शाला विकास समिति के अध्यक्ष खम्मन साहू, समस्त शिक्षकगण एवं सहयोगी स्टाफ उपस्थित रहे और बच्चों की सुरक्षा व अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया।
पूरे भ्रमण के दौरान बच्चे कभी उत्साहित, कभी जिज्ञासु तो कभी आनंद से झूमते नजर आए। यह शैक्षिक यात्रा बच्चों के लिए न सिर्फ यादगार रही, बल्कि सीखने का एक जीवंत अनुभव भी बन गई।