Edited By Desh sharma, Updated: 19 Jan, 2026 09:32 PM

मध्य प्रदेश में ट्रांसफर नीति को लेकर बड़ा बदलाव सामने आय़ा है। दरअसल मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति और स्थानान्तरण नीति को लेकर बड़ा बदलाव किया है। इस कदम में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होगा।
(भोपाल):मध्य प्रदेश में ट्रांसफर नीति को लेकर बड़ा बदलाव सामने आय़ा है। दरअसल मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति और स्थानान्तरण नीति को लेकर बड़ा बदलाव किया है। इस कदम में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होगा।
दरअसल उच्च शिक्षा विभाग ने असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति और तबादला नीति में चेंज करके सालों से चली आ रही व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब नियमों में संशोधन के बाद विश्वविद्यालय या कॉलेज प्रबंधन अपनी जरूरत के हिसाब से उनके स्थान को निर्धारित कर सकेंगे। पहले नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर को प्रोबेशन पीरियड के दो साल पूरे करने के बाद ही स्थानांतरण के लिए पात्रता मिलती थी, लेकिन अब इस नियम में बड़ा बदलाव किया गया है।
क्यों बदली गई स्थानातंरण पॉलिसी
स्थानातंरण पॉलिसी में बदलाव के पीछे कालेजों की आवश्यकता है। दरअसल उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश के अनुसार, कॉलेजों की आवश्यकता को देखते हुए यह फैसला लिया गया है क्योंकि कई बार नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों की ऐसे कॉलेजों में पोस्टिंग कर दी जाती है जहां पर जरूरत ही कम होती है। इससे एक तो जिन कॉलेजों में टीचर्स की कमी होती है वो तो वैसे ही बनी रहती है जबकि दूसरे कालेजों में भी प्रोफेसर्ज का अनुपात बिगड़ जाता है। माना जा रहा है कि नई तबादला नीति से असंतुलन दूर होगा ।
इस फैसले से खास तौर से महिला असिस्टेंट प्रोफेसरों, और दूरस्थ क्षेत्रों में पोस्टिंग पाए शिक्षकों को राहत मिलेगी। विभाग का दावा है कि इससे शिक्षण कार्य भी प्रभावित नहीं होगा, बल्कि संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।