Edited By Vandana Khosla, Updated: 15 Jun, 2026 12:19 PM

दंतेवाड़ा (आज़ाद सक्सेना): दंतेवाड़ा जिले के बचेली में सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील इलाके में प्रशासन ने आज सख्ती दिखाई है। आईआईटी मुंबई द्वारा खतरनाक बताए गए टेलिंग डैम के प्रभाव क्षेत्र में बसी 10 परिवारों की बस्ती को प्रशासन ने बुलडोजर से ढहा...
दंतेवाड़ा (आज़ाद सक्सेना): दंतेवाड़ा जिले के बचेली में सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील इलाके में प्रशासन ने आज सख्ती दिखाई है। आईआईटी मुंबई द्वारा खतरनाक बताए गए टेलिंग डैम के प्रभाव क्षेत्र में बसी 10 परिवारों की बस्ती को प्रशासन ने बुलडोजर से ढहा दिया। परिवारों को अस्थाई रूप से नोडल एजेंसी एनएमडीसी के आदिवासी भवन में शिफ्ट कर दिया गया है।
दरअसल, रविवार सुबह 10 बजे वार्ड क्रमांक 9 की इस बस्ती में भारी पुलिस बल के साथ प्रशासन पहुंचा। एसडीएम राजीव कुजूर की मौजूदगी में पहले परिवारों का सामान निकलवाया गया और फिर बुलडोजर की कार्रवाई शुरू कर दी गई। कुछ ही देर में पूरे 10 मकान मलबे के ढेर में तब्दील हो गए। पीड़ित परिवार ने अंतिम समय तक कुछ दिन की मोहलत मांगी, लेकिन प्रशासन ने एक नहीं सुनी।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ये परिवार वन भूमि पर अवैध कब्जा कर रह रहे थे। आईआईटी मुंबई की रिपोर्ट में इस इलाके को बेहद खतरनाक बताया गया है। पिछले साल डैम के कुछ हिस्से ढहने के बाद इन परिवारों को बार-बार हटने की चेतावनी दी गई थी। मकान क्षति का मूल्यांकन कर पर्याप्त मुआवजा भी दिया जा रहा है।
प्रभावितों का कहना है कि हमने कभी प्रशासनिक आदेश का उल्लंघन नहीं किया। हम मकान खाली करने को पूरी तरह तैयार थे। सिर्फ खिड़की-दरवाजे, ईंट, रॉड और शीट निकालने के लिए कुछ समय मांग रहे थे। हमें अच्छी जगह पर रहने की व्यवस्था का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अंतिम दिन तक कुछ तय नहीं हुआ और अचानक बुलडोजर चला दिया गया।" वहीं, प्रशासन का कहना है कि बारिश आने वाली है, इसलिए इन परिवारों को खतरनाक इलाके में और समय नहीं दिया जा सकता।