Edited By Himansh sharma, Updated: 24 Jan, 2026 08:29 PM

मंत्री भूरिया ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने की प्रक्रिया सतत होती है और चुनौतियाँ व्यक्ति को अधिक मजबूत बनाती हैं।
भोपाल: राष्ट्रीय बालिका दिवस पर झाबुआ में आयोजित कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि “बेटियों को आत्मनिर्भर बनाकर समाज और राष्ट्र के विकास की मुख्यधारा में लाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह दिवस केवल उत्सव का नहीं, बल्कि सोच बदलने और संकल्प लेने का अवसर है।
मंत्री भूरिया ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने की प्रक्रिया सतत होती है और चुनौतियाँ व्यक्ति को अधिक मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज का वातावरण बालिकाओं के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए बेटियों के लिए सुरक्षित, सकारात्मक और सहयोगी माहौल का निर्माण अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि रूढ़िवादी मानसिकता को बदलना समय की आवश्यकता है।
“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसी योजनाओं से सरकार बेटियों को शिक्षा, सम्मान और समान अवसर उपलब्ध करा रही है। मंत्री भूरिया ने जनजातीय समाज में बेटियों को प्राप्त सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी सकारात्मक सोच को पूरे समाज में अपनाने की आवश्यकता है।
मंत्री भूरिया ने बताया कि लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना सहित अनेक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से बालिकाओं और महिलाओं को निरंतर सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज बेटियाँ शिक्षा, खेल, तकनीक और रोजगार के हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर रही हैं।
मंत्री भूरिया ने बालिकाओं से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने, साइबर सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से यह संकल्प लेने की अपील की कि हर बेटी को सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर सुनिश्चित किए जाएँ।