Edited By Vikas Tiwari, Updated: 10 Jan, 2026 08:11 PM

मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा अब औपचारिक रूप से धरातल पर उतरने जा रही है। प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष 2026 का शुभारंभ 11 जनवरी को दोपहर एक बजे जंबूरी मैदान, भोपाल में होगा।
भोपाल: मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा अब औपचारिक रूप से धरातल पर उतरने जा रही है। प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष 2026 का शुभारंभ 11 जनवरी को दोपहर एक बजे जंबूरी मैदान, भोपाल में होगा।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री यादव दोपहर 12 बजे कोकता बायपास पर कृषि रथ एवं किसानों की ट्रैक्टर रैली को फ्लैग ऑफ करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री कृषक कल्याण वर्ष के दौरान संचालित की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी प्रदेश के किसानों को देंगे। कार्यक्रम में राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं, कृषि सुधार कार्यक्रमों और कृषक कल्याण वर्ष के तहत किए जाने वाले कार्यों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 के फोकस सेक्टर उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य-पालन और खाद्य प्रसंस्करण होंगे। सरकार का लक्ष्य कृषि को लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक आधारित रोजगार सृजन मॉडल में परिवर्तित करना है।
उन्होंने कहा कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य-पालन और वानिकी को एकीकृत करते हुए जिला स्तरीय क्लस्टर आधारित विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही उच्च उत्पादकता, प्राकृतिक खेती, डिजिटल सेवाओं और कृषि प्रसंस्करण के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि एग्री-टेक, ड्रोन सेवाएं, एफपीओ प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण, हाइड्रोपोनिक्स जैसे कृषि आधारित क्षेत्रों में ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।
डॉ. यादव ने कहा कि कृषि और इससे जुड़े क्षेत्र मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। प्रदेश सरकार लगातार कृषि बजट में वृद्धि कर रही है और किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें समर्थन मूल्य पर उपज की खरीदी, सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना और रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना प्रमुख हैं।