Edited By Himansh sharma, Updated: 16 Jan, 2026 12:22 PM

मध्य प्रदेश के धार जिले में तेजी से फैल रही अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन ने अब डंडा चलाने का फैसला कर लिया है।
धार: मध्य प्रदेश के धार जिले में तेजी से फैल रही अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन ने अब डंडा चलाने का फैसला कर लिया है। संचानालय नगरीय एवं प्रशासन विकास विभाग के सख्त पत्र के बाद कलेक्टर ने सभी एसडीएम और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।
पत्र में साफ कहा गया है कि बिना अनुमति के कॉलोनी काटना, प्लॉट बेचना और मकान निर्माण करना सिर्फ जुर्माना नहीं, बल्कि 3 से 7 साल की कैद और गंभीर मामलों में 10 साल तक की सजा का कारण बन सकता है।
खाली जमीनों पर अवैध प्लॉटिंग का धड़ल्ला
धार जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में छोटी-छोटी जमीनों को बांटकर बिना लाइसेंस के मकान बनाकर बेचा जा रहा है। कुम्हार गढ्ढा, झिरन्या रोड, जेल रोड, अर्जुन कॉलोनी क्षेत्र इस अवैध गतिविधि के प्रमुख केंद्र हैं। अकसर बड़ी जमीन को 8–10 हिस्सों में बांटकर पहले खरीदा जाता है, फिर हर हिस्सा अलग-अलग प्लॉट में काटकर बेचा जाता है।
छह क्षेत्रों पर विशेष नजर
प्रशासन ने पीथमपुर, धार, मनावर, सरदारपुर, बदनावर और कुक्षी को विशेष फोकस में रखा है। अधिकारियों का मानना है कि अगर अब सख्ती नहीं बरती गई, तो भविष्य में इन कॉलोनियों में सड़क, पानी, बिजली और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाएं देना मुश्किल हो जाएगा। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि भू-स्वामी और सहयुक्त व्यक्ति दोनों ही दोषी होंगे अगर बिना लाइसेंस प्लॉट बेचा गया।
चौंकाने वाले आंकड़े
3 दिसंबर 2025 को एडीएम संजीव केशव पांडे की अध्यक्षता में हुई समीक्षा में सामने आया कि:
पीथमपुर: 22 अवैध कॉलोनियां (सबसे ज्यादा)
धार: 13 अवैध कॉलोनियां
धामनोद: 11 कॉलोनियां (2022 के बाद)
कई कॉलोनियों के नाम तक कागजात में दर्ज नहीं, केवल जमीन मालिक का नाम दर्ज है और निर्माण जारी है।
क्या होगा अब: फरवरी 2026 से प्रशासन इन 45 अवैध कॉलोनियों पर ठोस बुलडोजर कार्रवाई शुरू करेगा।