33.27 लाख दीए, 45000 लीटर तेल, लाखों की रुई, 25000 स्वयं सेवक! जानिए उज्जैन में PM Modi का जन्मदिन मनाने का खर्च

Edited By Himansh sharma, Updated: 18 Sep, 2026 11:59 AM

mp deepotsav  7 crore oil estimate for 3 55 crore diyas

उज्जैन में 17 सितंबर की शाम शिप्रा नदी के घाटों से लेकर महाकाल महालोक तक जब एक साथ 33 लाख 27 हजार दीये रोशन हुए, तो शहर ने दीपों की रोशनी का भव्य दृश्य देखा।

भोपाल: उज्जैन में 17 सितंबर की शाम शिप्रा नदी के घाटों से लेकर महाकाल महालोक तक जब एक साथ 33 लाख 27 हजार दीये रोशन हुए, तो शहर ने दीपों की रोशनी का भव्य दृश्य देखा। रामघाट, दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट और भूखी माता घाट समेत कई स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए। आयोजकों के अनुसार इस आयोजन में 25 हजार से अधिक स्वयंसेवकों और नागरिकों ने भाग लिया। लेकिन इस विशाल दीपोत्सव की तस्वीर का एक दूसरा पहलू भी है—इतने बड़े आयोजन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उस पर आने वाला खर्च। उपलब्ध आंकड़ों को आधार बनाकर यदि सिर्फ तेल की लागत का मोटा अनुमान लगाया जाए, तो रकम लाखों से आगे निकलकर करोड़ों तक पहुंचती दिखाई देती है।

उज्जैन में 33.27 लाख दीये, करीब 45 हजार लीटर तेल का अनुमान
 
उज्जैन में 33.27 लाख दीयों के लिए करीब 45 हजार लीटर खाद्य तेल की व्यवस्था की गई थी। इसके साथ लाखों रुई की बातियां, बड़ी मात्रा में कपूर, माचिस और अन्य सामग्री की भी जरूरत पड़ी। यदि तेल की औसत कीमत ₹120 से ₹150 प्रति लीटर मानें, तो 45 हजार लीटर तेल की कीमत लगभग ₹54 लाख से ₹67.50 लाख के बीच बैठती है।

यानी केवल तेल का अनुमानित खर्च ही करीब ₹54 लाख से ₹68 लाख तक पहुंच सकता है।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह कोई आधिकारिक खर्च का आंकड़ा नहीं, बल्कि उपलब्ध मात्रा और अनुमानित तेल कीमत के आधार पर किया गया हिसाब है। इसमें मिट्टी के दीये, बातियां, कपूर, माचिस, परिवहन, भंडारण, सफाई और आयोजन व्यवस्था का खर्च शामिल नहीं है।

PunjabKesari

असली तस्वीर तब सामने आती है, जब नजर पूरे मध्यप्रदेश पर जाती है

उज्जैन का आयोजन प्रदेशव्यापी दीपोत्सव का सिर्फ एक हिस्सा था। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत मध्यप्रदेश के सभी जिलों और 845 आइकॉनिक स्थानों पर कुल 3.55 करोड़ दीये प्रज्ज्वलित किए गए।

उज्जैन में जले 33.27 लाख दीयों की तुलना प्रदेश के 3.55 करोड़ दीयों से करें तो राज्यभर में दीपों की संख्या उज्जैन के मुकाबले करीब 10.67 गुना रही। अब यदि केवल एक सांकेतिक गणना के तौर पर उज्जैन में इस्तेमाल हुए 45 हजार लीटर तेल का यही अनुपात पूरे प्रदेश पर लगाया जाए, तो तेल की संभावित मात्रा करीब 4.8 लाख लीटर निकलती है। ₹120 से ₹150 प्रति लीटर की अनुमानित कीमत के हिसाब से यह राशि लगभग ₹5.8 करोड़ से ₹7.2 करोड़ तक पहुंच सकती है।

लेकिन यह पूरी तस्वीर नहीं है

यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि ₹5.8 से ₹7.2 करोड़ का आंकड़ा पूरे मध्यप्रदेश के वास्तविक तेल खर्च का आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। यह उज्जैन के दिए गए तेल-उपयोग अनुपात को प्रदेश के कुल दीपों पर लागू करके निकाला गया अनुमान है। अलग-अलग जिलों और स्थानों पर प्रति दीया तेल की खपत अलग हो सकती है।

और यदि तेल के साथ मिट्टी के दीये, रुई की बातियां, कपूर, माचिस, पैकिंग, परिवहन, दीपों की व्यवस्था, ब्लॉक तैयार करना, स्वयंसेवकों की लॉजिस्टिक व्यवस्था, सफाई और आयोजन से जुड़ी दूसरी लागतें जोड़ दी जाएं, तो कुल खर्च का आकार इससे काफी अलग हो सकता है।

मध्यप्रदेश में 845 आइकॉनिक स्थानों पर एक साथ 3.55 करोड़ दीयों का प्रज्ज्वलन अपने आप में एक विशाल लॉजिस्टिक अभ्यास था। उज्जैन इसका सबसे बड़ा केंद्र रहा, जहां 33.27 लाख दीयों ने आयोजन को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाया।

इसलिए इस दीपोत्सव की कहानी केवल रोशनी और रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। इसके पीछे इस्तेमाल हुई सामग्री, मानव संसाधन और व्यवस्थाओं का पैमाना भी उतना ही बड़ा है। उपलब्ध आंकड़ों से फिलहाल इतना जरूर समझ आता है कि सिर्फ तेल का संभावित खर्च ही करोड़ों रुपये के स्तर तक पहुंच सकता है, जबकि पूरे आयोजन की वास्तविक लागत जानने के लिए सरकार या आयोजकों की विस्तृत खर्च रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!