मंत्री नहीं आए तो बेटे बने ‘मुख्य अतिथि’! सरकारी कार्यक्रम में बंटे प्रमाण पत्र, उठे बड़े सवाल

Edited By Himansh sharma, Updated: 25 Mar, 2026 02:17 PM

mp govt event sparks controversy over minister s son

मध्यप्रदेश के भिंड जिले के मेहगांव में आयोजित “संकल्प से समाधान शिविर” अब विवादों के केंद्र में आ गया है।

भिंड: मध्यप्रदेश के भिंड जिले के मेहगांव में आयोजित “संकल्प से समाधान शिविर” अब विवादों के केंद्र में आ गया है। कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला की गैरमौजूदगी में जिला प्रशासन ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसने सियासत गरमा दी। मंत्री के नहीं पहुंचने पर उनके बेटे आलोक शुक्ला को ही मंच पर मुख्य अतिथि बना दिया गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि बिना किसी निर्वाचित पद के आलोक शुक्ला ने सरकारी योजनाओं के प्रमाण पत्र भी वितरित किए।

इतना ही नहीं, जनसंपर्क विभाग की प्रेस विज्ञप्ति में उन्हें “जनप्रतिनिधि” तक बताया गया — यहीं से विवाद ने तूल पकड़ लिया।

क्या बोले अधिकारी?

अधिकारियों का तर्क है कि “जनप्रतिनिधि कोई भी हो सकता है”, लेकिन यह बयान खुद कई सवाल खड़े कर रहा है।

कांग्रेस का तीखा हमला

कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताया है। आरोप है कि:

प्रशासन मंत्री को खुश करने में लगा है

बेटे की राजनीतिक लॉन्चिंग की जा रही है

नियमों और परंपराओं को नजरअंदाज किया गया

बड़ा सवाल

क्या बिना किसी आधिकारिक पद के किसी व्यक्ति को सरकारी मंच पर मुख्य अतिथि बनाना सही है? क्या यह प्रशासनिक परंपराओं के खिलाफ नहीं? भिंड का यह मामला अब सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सत्ता, प्रशासन और परंपराओं के टकराव का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!