Edited By Himansh sharma, Updated: 08 Apr, 2026 07:43 PM

विधानसभा में भी कांग्रेस की स्थिति कमजोर होती दिख रही है। नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar पहले ही क्रॉस वोटिंग की आशंका जता चुके हैं।
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर दतिया विधानसभा सीट को लेकर हलचल तेज हो गई है। पूर्व गृहमंत्री Narottam Mishra की सक्रियता और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal के साथ उनकी हालिया बंद कमरे में हुई मुलाकात ने सियासी अटकलों को हवा दे दी है। माना जा रहा है कि संभावित उपचुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई है।
दरअसल, दतिया सीट से कांग्रेस विधायक Rajendra Bharti को बैंक धोखाधड़ी मामले में तीन साल की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता अयोग्य घोषित हो गई है। इसके चलते सीट खाली हो सकती है, जिस पर उपचुनाव की संभावना बन रही है।
2023 के विधानसभा चुनाव में Narottam Mishra को इस सीट पर करीब 7,742 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। अब कांग्रेस विधायक के अयोग्य घोषित होने के बाद उनके लिए एक बार फिर राजनीतिक वापसी की संभावनाएं मजबूत होती दिख रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, Narottam Mishra और Hemant Khandelwal के बीच हुई मुलाकात में उपचुनाव की रणनीति, संभावित उम्मीदवार और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा हुई। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई बयान सामने नहीं आया है।
उधर, कांग्रेस ने इस फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। मामले की सुनवाई 15 अप्रैल को प्रस्तावित है। अगर कांग्रेस को राहत नहीं मिलती है, तो दतिया में छह महीने के भीतर उपचुनाव कराना अनिवार्य हो जाएगा।
विधानसभा में भी कांग्रेस की स्थिति कमजोर होती दिख रही है। नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar पहले ही क्रॉस वोटिंग की आशंका जता चुके हैं। मौजूदा हालात में कांग्रेस के कई समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
वहीं, दतिया सीट को लेकर बीजेपी के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। अगर उपचुनाव होता है तो पार्टी इस सीट पर फिर से कब्जा जमाने की कोशिश करेगी। साथ ही राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि Narottam Mishra को पार्टी राज्यसभा भेजने पर भी विचार कर सकती है। फिलहाल, हाईकोर्ट के फैसले और आगामी राजनीतिक घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इन्हीं के आधार पर दतिया सीट और मध्य प्रदेश की सियासत की दिशा तय होगी।