Edited By Desh sharma, Updated: 22 Jan, 2026 06:27 PM

मध्य प्रदेश में शिक्षकों के लिए नए निर्देश जारी हुए हैं। इन निर्देशों के तहत शिक्षकों की बाबूगिरी पर ब्रेक लगेगी और वो अपने मूल काम कि और लौटेंगे।दरअसल जिला शिक्षा विभाग ने राजधानी में पांच सौ शिक्षकों का अटैचमेंट खत्म कर दिया है।
(भोपाल): मध्य प्रदेश में शिक्षकों के लिए नए निर्देश जारी हुए हैं। इन निर्देशों के तहत शिक्षकों की बाबूगिरी पर ब्रेक लगेगी और वो अपने मूल काम कि और लौटेंगे।दरअसल जिला शिक्षा विभाग ने राजधानी में पांच सौ शिक्षकों का अटैचमेंट खत्म कर दिया है। इससे अब ये शिक्षक स्कूलों का रुख करेंगें।
दरसअल शिक्षकों की कमी के बीच दफ्तरों में शिक्षक तैनात होने का मामला काफी जोर-शोर से उठा था, क्योंकि ये अपने काम के बजाय दूसरे और कामों में लगे हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी और कक्षाएं खाली है। बच्चों ने भी इस संबंध में शिकायत की थी और इसका हवाला दिया था। इसी के बाद यह कार्रवाई की गई है।
स्कूलों मे पढ़ाई कराने की बजाय दफ्तरों में बाबूगिरी कर रहे ये शिक्षक अब स्कूलों में लौटेंगे और बच्चों को पढ़ाएंगे। दरअसल अगले महीने स्कूलों में परीक्षा हैं और शिक्षकों की काफी कमी है। इसकी के चलते ये निर्देश जारी हुए हैं। परीक्षा में दो लाख से ज्यादा स्टूडेंट हिस्सा लेंगे।
गौर करने वाली बात है कि परीक्षाओं का समय पास है और इस समय शिक्षकों की काफी जरुरत है। जिसके चलते निर्देश दिए गए हैं कि दूसरी जगह संलग्न शिक्षक स्कूलों में वापिस लौटें। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं।
आपको बता दें कि बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होगी। पांचवीं और आठवीं की परीक्षा इसी माह कराई जा रही है। राजधानी में साढ़े तीन हजार शिक्षक हैं। ये पहली से बारहवीं तक की पढ़ाई करा रहे है। लिहाजा शिक्षा विभाग के इस निर्देश से स्कूलों को शिक्षक मिलेंगे।