अब तो मंत्रियों की भी नहीं चलेगी, इस नियम के बाद MP के अधिकारी हुए ताकतवर,कोई नहीं हिला पाएगा

Edited By Desh Raj, Updated: 17 Jun, 2026 11:29 PM

officials and employees cannot be transferred for one year

मध्यप्रदेश में तबादलों की आंधी आई है। पिछले कुछ दिनों से ताबड़तोड़ ट्रांसफर हुए हैं। 16 जून मंगलवार को तो कुछ ही घंटों में हजारों तबादले हो गए और बहुत से विभागों से कर्मचारी इधर से उधर किए गए।

(भोपाल): मध्यप्रदेश में तबादलों की आंधी आई है। पिछले कुछ दिनों से ताबड़तोड़ ट्रांसफर हुए हैं। 16 जून मंगलवार को तो कुछ ही घंटों में हजारों तबादले हो गए और बहुत से विभागों से कर्मचारी इधर से उधर किए गए। जानकारी के मुताबिक दोपहर से रात 12 बजे तक करीब 5 हजार कर्मचारियं के यहां से वहां किया गया है।

स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, से लेकर कई विभागों कर्मचारियों, अधिकारियों के तबादले किए गए।  शायद ही कोई विभाग बचा हो जहां तबादले न हुए हों। तबादला तारीख बढ़ाने के साथ ही विभागीय अधिकारियों ने जबरदस्त सक्रियता दिखाई। अब अधिकारियों, कर्मचारियों के तबादलों पर विराम लग गया है और एक साल तक कोई उन्हें हिला नहीं सकेगा। अब तो मंत्री भी किसी अधिकारी या कर्मचारी का ट्रांसफर नहीं कर सकेंगे। इतना काम सख्त हो गया है, अगर ट्रांसफर करनी भी पड़े तो अब सीएम की अनुमति जरुरी होगी तो ही कुछ हो पाएगा ।

आपको बता दें कि  राज्य के सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों के तबादले के लिए 16 जून की रात 12 बजे तक की मियाद थी और इस टाइमलाइन के खत्म होने के साथ ही अगले एक वर्ष तक शासकीय सेवकों के तबादलों पर रोक लग गई है। ये रोक ऐसी है कि अधिकारियों, कर्मचारियों को हिलाने के लिए विधायक, सांसद ही नहीं, मंत्रियों के भी पसीने छूट जाएंगे।

अब सीएम की सहमति लेने का बाद ही कुछ हो पाएगा

नियम के  अनुसार अगले एक साल  में जो भी तबादले होंगे वे सीएम की अनुमति के बगैर नहीं हो पाएंगे। मंत्रियों की सिफारिश के बाद फाइलें सीएम तक जाएगी और सहमति मिलने के बाद ही तबादला हो सकेगा।

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