Edited By Himansh sharma, Updated: 03 Oct, 2026 07:20 PM

सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अमित शाह ने भोपाल पहुंचने के बाद मध्यप्रदेश भाजपा के करीब डेढ़ दर्जन बड़े नेताओं से मुलाकात की और उन्हें फटकार लगाई।
भोपाल। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के शुक्रवार देर रात भोपाल पहुंचने के बाद एक दावा तेजी से चर्चा में आया कि उन्होंने मध्यप्रदेश भाजपा के कई बड़े नेताओं, सरकार और संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों को बुलाकर फटकार लगाई। दावा यहां तक किया गया कि शाह ने देर रात नेताओं के साथ बैठक कर प्रदेश के राजनीतिक हालात को लेकर नाराजगी जताई। लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों और सामने आए तथ्यों की पड़ताल करने पर इस दावे की ठोस पुष्टि नहीं होती।
दावा क्या किया जा रहा है?
सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अमित शाह ने भोपाल पहुंचने के बाद मध्यप्रदेश भाजपा के करीब डेढ़ दर्जन बड़े नेताओं से मुलाकात की और उन्हें फटकार लगाई। इस दावे को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि सरकार और संगठन के शीर्ष नेताओं से प्रदेश की स्थिति पर जवाब-तलब किया गया।
फैक्ट चेक में क्या सामने आया?
अमित शाह शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे भोपाल पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक दिल्ली में उनकी व्यस्तता के चलते भोपाल पहुंचने में करीब ढाई घंटे की देरी हुई। इसके चलते स्टेट हैंगर पर उनके स्वागत की पहले से तय व्यवस्था में बदलाव करना पड़ा और स्वागत के लिए पहले पहुंच चुके कई मंत्री-विधायकों को वापस लौटना पड़ा। शाह के वास्तविक आगमन के समय स्टेट हैंगर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, DGP कैलाश मकवाना, भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार और कलेक्टर प्रियंक मिश्रा समेत सीमित संख्या में अधिकारी मौजूद थे। उपलब्ध रिपोर्टों में स्टेट हैंगर पर डेढ़ दर्जन नेताओं की मौजूदगी या सामूहिक बैठक का उल्लेख नहीं है।
ताज होटल में क्या हुआ?
भोपाल पहुंचने के बाद अमित शाह होटल ताज लेक फ्रंट पहुंचे। रिपोर्टों में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के उनसे मिलने का जिक्र है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में इस मुलाकात को किसी बड़ी सामूहिक भाजपा बैठक या नेताओं को फटकार लगाने वाली बैठक के तौर पर दर्ज नहीं किया गया है।
इसके अलावा, 3 अक्टूबर के आधिकारिक कार्यक्रम में दोपहर 2:15 से शाम 4:15 बजे तक होटल ताज में मध्यप्रदेश सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय के बीच लंबित विषयों पर बैठक प्रस्तावित थी। यानी आधिकारिक कार्यक्रम में दर्ज बैठक का एजेंडा केंद्र-राज्य के लंबित विषयों से जुड़ा था।
तो क्या नेताओं को फटकार लगाई गई?
उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना संभव नहीं है कि अमित शाह ने देर रात मध्यप्रदेश भाजपा के डेढ़ दर्जन नेताओं को बुलाकर फटकार लगाई। ऐसी किसी सामूहिक बैठक की स्वतंत्र और ठोस पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है।
इसका मतलब यह भी नहीं है कि शाह और किसी नेता के बीच निजी बातचीत में राजनीतिक या संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई होगी। ऐसी बंद कमरे की बातचीत की जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों में नहीं है। इसलिए उसे तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
फैक्ट चेक निष्कर्ष
वायरल दावा: अमित शाह ने भोपाल पहुंचते ही मध्यप्रदेश भाजपा के बड़े नेताओं को बुलाकर फटकार लगाई।
पड़ताल: उपलब्ध रिपोर्टों में इसकी ठोस पुष्टि नहीं मिलती। शाह के भोपाल पहुंचने में देरी के कारण स्टेट हैंगर पर स्वागत व्यवस्था
सीमित कर दी गई थी। वहां मुख्यमंत्री, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बाद में कैलाश विजयवर्गीय की शाह से मुलाकात की रिपोर्ट सामने आई, लेकिन किसी सामूहिक राजनीतिक बैठक या फटकार की पुष्टि नहीं हुई।