इंदौर में राहुल गांधी का कार्यक्रम, खाली मैदान के लिए कांग्रेस से मांगे 10 लाख रुपये, BJP पर भड़की कांग्रेस

Edited By Himansh sharma, Updated: 12 Sep, 2026 06:02 PM

rahul gandhi s indore event sparks political row over 10 lakh fee

मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर सियासत तेज हो गई है।

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर सियासत तेज हो गई है। कार्यक्रम के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा निर्धारित 10 लाख 8175 रुपये की राशि कांग्रेस ने जमा कर दी है। अनुमति मिलने के बाद अब कांग्रेस ने कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी हैं।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि कांग्रेस ने सबसे पहले राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए नेहरू स्टेडियम में अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया। कांग्रेस का कहना है कि इसी मैदान पर मुख्यमंत्री, विधायक और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम पहले भी आयोजित हो चुके हैं।

चिंटू चौकसे ने बताया कि इसके बाद रीजनल पार्क के सामने स्थित मैदान में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी गई। कांग्रेस नेता के मुताबिक, जिस जमीन को पटाखा व्यापारियों को करीब 15 दिनों के लिए 2 लाख रुपये में दिया जाता है, उसी जमीन के लिए कांग्रेस से सिर्फ एक दिन के कार्यक्रम के लिए 10 लाख 8175 रुपये का शुल्क लिया गया है।

PunjabKesariचौकसे ने इस राशि को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए एक दिन के कार्यक्रम का इतना अधिक शुल्क लिया जाना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के निर्देश पर अधिकारियों द्वारा कांग्रेस से इतनी बड़ी राशि वसूली गई है।

कांग्रेस नेता ने यह भी स्पष्ट किया कि राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम गैर-राजनीतिक है। उनके मुताबिक, कार्यक्रम में कांग्रेस का झंडा या पार्टी का चुनाव चिह्न नहीं होगा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी कार्यक्रम में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के भविष्य यानी युवाओं, छात्रों और Gen-Z से संवाद करना है। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी छात्रों से सीधे बातचीत करेंगे और उनके सवालों एवं विचारों को समझेंगे।

चौकसे ने कहा कि कांग्रेस को राशि अधिक लगने पर आपत्ति है, लेकिन वह नहीं चाहती कि इस वजह से छात्रों और राहुल गांधी के बीच होने वाला संवाद रुक जाए। इसी कारण कांग्रेस ने IDA द्वारा निर्धारित राशि जमा कर दी है। अब कार्यक्रम की अनुमति मिलने के बाद कांग्रेस ने आयोजन की तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम को लेकर आने वाले दिनों में इंदौर की राजनीतिक गतिविधियां और भी तेज होने की संभावना है।

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