Edited By Himansh sharma, Updated: 23 Jul, 2026 01:59 PM

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव उस समय हिंसक रूप ले बैठा
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव उस समय हिंसक रूप ले बैठा, जब भाजपा की ओर से कांग्रेस भवन घेराव के लिए निकाली गई रैली के दौरान अचानक तनाव बढ़ गया। हालात इतने बिगड़ गए कि पथराव और बोतलबाजी की घटनाओं में ड्यूटी पर तैनात 16 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें एक महिला आरक्षक समेत दो जवानों को गंभीर चोटें आई हैं। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
पुलिस के अनुसार, कांग्रेस भवन के समीप सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग की गई थी। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास करते हुए नारेबाजी करने लगे। आरोप है कि इसी बीच पत्थर और बोतलें फेंकी गईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए भीड़ को पीछे धकेला और हालात पर काबू पाया।
घटना की सूचना मिलते ही रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला रामकृष्णा केयर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल जवानों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली। कमिश्नर ने सभी घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए तथा पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
घायल पुलिसकर्मी ने बताया कि बैरिकेडिंग के दौरान भीड़ के दबाव में आने से उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहीं प्रशिक्षु उप निरीक्षक देवराज सिंह के सिर पर बोतल लगने से गंभीर चोट आई है और उनका इलाज जारी है। अन्य घायल पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
इधर, घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा ने अचानक कांग्रेस कार्यालय का घेराव कर माहौल बिगाड़ा। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने पथराव, पानी के पाउच और अन्य वस्तुएं फेंककर हिंसा की शुरुआत की, जबकि कांग्रेस शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन कर रही थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने आंसू गैस के गोले कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर छोड़े ।
दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए और समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर किसी बड़े हादसे को टाल दिया गया। फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है और वीडियो फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।