Edited By Vandana Khosla, Updated: 04 Jul, 2026 02:53 PM

उज्जैनः मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले की महिदपुर स्थित तृतीय अपर सत्र न्यायालय ने नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म करने के दोषी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और सात हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार आरोपी अशरफ स्कूल जाते समय नाबालिग...
उज्जैनः मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले की महिदपुर स्थित तृतीय अपर सत्र न्यायालय ने नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म करने के दोषी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और सात हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार आरोपी अशरफ स्कूल जाते समय नाबालिग बालिका का पीछा कर उसे परेशान करता था। उसने सोशल मीडिया पर बालिका का संपादित फोटो प्रसारित कर उसे ब्लैकमेल किया तथा फोटो उसके माता-पिता को दिखाने की धमकी दी।
इसी धमकी के आधार पर उसने 03 अगस्त 2025 को बालिका को एक स्थान पर बुलाकर कमरे में बंद कर चाकू की नोक पर उसके साथ दुष्कर्म किया। साथ ही घटना की जानकारी देने पर जान से मारने और फोटो-वीडियो के माध्यम से परिवार से रुपये वसूलने की धमकी भी दी। घटना के बाद पीड़िता ने अपने माता-पिता को पूरी जानकारी दी, जिसके आधार पर महिदपुर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। न्यायाधीश कमलेश सनोडिया ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और तकरं से सहमत होते हुए आरोपी को दोषी ठहराया।
न्यायालय ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4(2) के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 11/12 के तहत एक वर्ष का सश्रम कारावास तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) के तहत दो वर्ष का सश्रम कारावास एवं कुल सात हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।