Edited By Himansh sharma, Updated: 24 Jun, 2026 11:03 PM

सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार के प्रस्तावित कलेक्टोरेट दौरे से पहले बुधवार को रतलाम शहर में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कड़ी कर दी गई।
रतलाम। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार के प्रस्तावित कलेक्टोरेट दौरे से पहले बुधवार को रतलाम शहर में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कड़ी कर दी गई। हालात यह रहे कि शहर के चारों ओर पुलिस ने सघन नाकाबंदी कर दी और प्रमुख प्रवेश मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज बायपास सहित कई संवेदनशील पॉइंट्स पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की सघन जांच की गई, जिससे शहर एक तरह से छावनी में तब्दील नजर आया।
पूरा विवाद तब तेज हुआ जब शिवगढ़, बाजना और सैलाना क्षेत्र के डंपर एवं ट्रैक्टर मालिकों ने विधायक कमलेश्वर डोडियार पर पद के दुरुपयोग और अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए। एसडीएम तरुण जैन को सौंपे गए ज्ञापन में वाहन मालिकों ने आरोप लगाया कि विधायक द्वारा प्रत्येक वाहन से 50,000 रुपये तक की अवैध मांग की जा रही है और विरोध करने पर झूठे प्रकरण दर्ज कराने की धमकी दी जा रही है। इस दौरान बड़ी संख्या में वाहन मालिकों ने नारेबाजी कर तत्काल कार्रवाई की मांग भी की।
व्यवसायियों का कहना है कि उनका एकमात्र जीविकोपार्जन बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का कार्य है, जो इस कथित दबाव और वसूली के आरोपों के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी ओर, विधायक कमलेश डोडियार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन कार्रवाई नहीं करता, इसलिए उन्हें स्वयं मौके पर जाकर हस्तक्षेप करना पड़ता है। विधायक ने इसे अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान बताया है।
इसी बीच, विधायक अपनी भारत आदिवासी पार्टी के बैनर तले जन आक्रोश रैली के लिए समर्थकों के साथ जिला मुख्यालय पहुंच रहे हैं। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना के चलते प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। पूरे मामले ने रतलाम की सियासत और खनन-परिवहन क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। प्रशासन फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है।