Edited By Desh sharma, Updated: 11 Jan, 2026 09:14 PM

प्रदेश में PM किसान, आयुष्मान, पीएम आवास के साथ ही पीएम आवास योजना से कई लोगों के नाम कट सकते हैं। दरअसल पहली बार होने जा रहे इस तरह के सर्वे में जांचने की कोशिश की जाएगी कि इन सरकारी योजनाओं में पात्र लाभार्थियों की आखिर असलियत में क्या स्तिथि है।
(सतना): प्रदेश में PM किसान, आयुष्मान, पीएम आवास के साथ ही पीएम आवास योजना से कई लोगों के नाम कट सकते हैं। दरअसल पहली बार होने जा रहे इस तरह के सर्वे में जांचने की कोशिश की जाएगी कि इन सरकारी योजनाओं में पात्र लाभार्थियों की आखिर असलियत में क्या स्तिथि है। मतलब कि वास्तविक पहचान के लिए जांच की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक भारत के महालेखापरीक्षक केन्द्र सरकार की इन योजनाओं का जमीनी स्तर पर लाभार्थियों का परीक्षण करने जा रहे हैं। प्रदेश में पहली बार होने वाली इस स्टडी के लिए सतना, दतिया और बुरहानपुरर जिला का चयन हुआ है। इसमें पात्र लाभार्थियों की वास्तविक पहचान का अध्ययन किया जाएगा और गलत तरीके से लाभ ले रहे लाभार्थियों की भी पहचान की जाएगी ।
आपको बता दे कि इसके लिए महालेखाकार कार्यालय की ओर से विशेषज्ञ दल सतना पहुंच भी चुका है। इस दल की निगरानी में नियुक्त सर्वेक्षण एजेंसी इसका परीक्षण करेगी। महालेखापरीक्षक देखेगा कि मनरेगा, पीएम किसान, आयुष्मान, प्रधानमंत्री आवास सहित दूसरी केन्द्रीय योजनाओं का जमीनी क्रियान्वयन का परीक्षण करेगी और पता लगाएगा कि वास्तव में लाभ लाभार्थियों तक पहुंच रहा है या नहीं। देखा जाएगा कि पात्र लाभार्थियों की क्या स्थिति है। निर्मित परिसंपत्तियों के अस्तित्व और उपयोग की स्थिति क्या हैं, यह सब देखा जाएगा।
ये एजेंसी संबंधित योजनाओं के डेटाबेस के आधार पर लाभार्थी के यहां जाकर सर्वे करेगी। विश्लेषण करने के बाद योजनाओं को लेकर आगे की स्थितियों पर निर्णय लिया जा सकेगा। हालांकि टीम किस योजना का परीक्षण करने किस लाभार्थी का चयन कर रही है यह अभी तक सामने नहीं आया है, क्योंकि ये किसी से अभी साझा नहीं कर रही है। सर्वे टीम चिन्हित लाभार्थियों का परीक्षण करने बिना किसी जानकारी के पहुंच रही है और जानकारी एकत्र कर रही है ।