लाड़ली बहना योजना पर बड़ा अपडेट! लाखों बहनों के कटे नाम, मंत्री ने दी ये अहम जानकारी

Edited By Himansh sharma, Updated: 27 Feb, 2026 02:46 PM

mp assembly row over 5 77 lakh names cut from ladli behna yojana

मध्य प्रदेश की चर्चित योजना लाड़ली बहना योजना एक बार फिर सियासी तूफान के बीच आ गई है।

भोपाल। मध्य प्रदेश की चर्चित योजना लाड़ली बहना योजना एक बार फिर सियासी तूफान के बीच आ गई है। विधानसभा में कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सरकार को घेरते हुए बड़ा सवाल उठाया कि योजना से लगातार बहनों के नाम काटे जा रहे हैं और नए पंजीयन पूरी तरह बंद पड़े हैं।

वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने सदन में लिखित जवाब देते हुए चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। मंत्री के मुताबिक, पहले योजना में 1 करोड़ 31 लाख 6 हजार 525 बहनें पंजीकृत थीं, जो अब घटकर 1 करोड़ 25 लाख 29 हजार 51 रह गई हैं। यानी अब तक 5 लाख 77 हजार 474 बहनों के नाम काटे जा चुके हैं।

नाम कटने की बड़ी वजहें क्या हैं? मंत्री ने साफ कहा कि बहनों के नाम कटने के प्रमुख कारण ये हैं:

60 साल की उम्र पूरी होना (इसके बाद योजना की पात्रता खत्म)

लाभार्थी की मृत्यु ,अन्य अपात्रता

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ 60 साल की उम्र पार करने के कारण 1.51 लाख से ज्यादा महिलाएं योजना से बाहर हो चुकी हैं।

विपक्ष का बड़ा आरोप

कांग्रेस विधायक महेश परमार ने आरोप लगाया कि नाम कटने का सिलसिला लगातार जारी है, जबकि नए पंजीयन बंद हैं। उन्होंने कहा कि 60 साल पूरे होते ही लाड़ली बहना की राशि बंद हो जाती है और दूसरी पेंशन योजनाओं में सिर्फ 600 रुपये महीना मिलता है। बजट में योजना की राशि 3000 रुपये करने का वादा भी अधूरा रह गया है।

सवालों के घेरे में सरकार

लाखों बहनों के नाम कटने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि: क्या भविष्य में नए पंजीयन शुरू होंगे?

जिन बहनों के नाम कटे, उनके लिए कोई वैकल्पिक राहत योजना आएगी? 3000 रुपये की घोषणा सिर्फ चुनावी जुमला थी या कभी लागू होगी? इस मुद्दे ने विधानसभा से लेकर सड़कों तक सियासी गर्मी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में लाड़ली बहना योजना पर सरकार को और जवाब देने पड़ सकते हैं।

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