Edited By Himansh sharma, Updated: 14 Apr, 2026 03:38 PM

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। बढ़ती खेती लागत और आर्थिक दबाव के बीच अब सरकार ने किसानों को मजबूत सहारा देने की तैयारी कर ली है।
भोपाल: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। बढ़ती खेती लागत और आर्थिक दबाव के बीच अब सरकार ने किसानों को मजबूत सहारा देने की तैयारी कर ली है। सहकारिता विभाग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेशभर में 10 लाख किसानों को जोड़ने के लिए बी-पैक्स (बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां) सदस्यता महाभियान शुरू किया है।
यह अभियान 14 अप्रैल से शुरू होकर 15 मई तक चलेगा। सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के निर्देश पर प्रदेश की 4500 से अधिक पैक्स समितियों के जरिए गांव-गांव जाकर किसानों को सदस्य बनाया जाएगा। खास बात यह है कि अभी तक जो किसान इन समितियों से नहीं जुड़े थे, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वे भी सरकारी योजनाओं और सस्ते कर्ज का लाभ उठा सकें।
दरअसल, खेती की बढ़ती लागत ने छोटे और सीमांत किसानों की कमर तोड़ दी है। खाद, बीज और कीटनाशक खरीदने में परेशानी आम हो गई है। ऐसे में बी-पैक्स से जुड़ने पर किसानों को कम ब्याज दर पर आसानी से ऋण मिलेगा, जिससे उन्हें साहूकारों के चंगुल से भी राहत मिल सकती है। सिर्फ कर्ज ही नहीं, बल्कि पैक्स के माध्यम से किसानों को उर्वरक, बीज और कृषि से जुड़ी अन्य जरूरी सामग्री उचित दाम पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा सदस्य किसानों को सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता, सहकारी संस्थाओं के फैसलों में भागीदारी और लाभांश का भी फायदा मिलेगा।
सरकार का फोकस खास तौर पर छोटे, सीमांत, महिला और कमजोर वर्ग के किसानों पर है, ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें और खेती को मजबूती मिल सके। कुल मिलाकर, यह अभियान न सिर्फ किसानों को आर्थिक मजबूती देगा, बल्कि ग्रामीण सहकारी व्यवस्था को भी नई ताकत प्रदान करेगा।