Edited By Vandana Khosla, Updated: 26 Jun, 2026 02:11 PM

भोपाल (इंजहार खान): इस समय सरपंचों से जुड़ी अहम खबर सामने आ रही है। दरअसल, पंजाब सरकार द्वारा सरपंचों का मासिक मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया गया है। इसके बाद अब मध्यप्रदेश के 23 हजार से अधिक सरपंचों में भी उम्मीद जगी थी कि उनके मानदेय में वृद्धि...
भोपाल (इंजहार खान): इस समय सरपंचों से जुड़ी अहम खबर सामने आ रही है। दरअसल, पंजाब सरकार द्वारा सरपंचों का मासिक मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया गया है। इसके बाद अब मध्यप्रदेश के 23 हजार से अधिक सरपंचों में भी उम्मीद जगी थी कि उनके मानदेय में वृद्धि होगी। हालांकि, विधानसभा में सरकार की ओर से दिए गए जवाब से उनकी उम्मीदों को झटका लगा है।
वर्तमान में मध्य प्रदेश में सरपंचों को प्रतिमाह 4,250 रुपये मानदेय दिया जाता है। कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा ने विधानसभा में पंचायत मंत्री से सवाल करते हुए कहा कि इतने कम मानदेय में सरपंच और वार्ड पंच अपनी आजीविका नहीं चला सकते। उन्होंने सरपंचों का मानदेय बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की। इसके जवाब में पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि सरपंच एवं पंच का चुनाव उनकी स्वेच्छा से समाज सेवा के उद्देश्य से होता है, न कि आजीविका अर्जित करने के लिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल मानदेय वृद्धि का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।
सरपंचों का कहना है कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की जिम्मेदारी, प्रशासनिक बैठकों में भागीदारी और जनसमस्याओं के निराकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में बढ़ती महंगाई के दौर में वर्तमान मानदेय अपर्याप्त है और इसमें वृद्धि की आवश्यकता महसूस की जा रही है।पंजाब सरकार के फैसले के बाद अब मध्य प्रदेश के सरपंच भी अपने मानदेय में बढ़ोतरी की मांग को लेकर सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद लगाए बैठे हैं।