Edited By Himansh sharma, Updated: 05 Mar, 2026 12:13 PM

पंडित प्रदीप मिश्रा ने इस परंपरा में बदलाव करते हुए कहा कि हिंदू समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ना चाहिए।
सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर में दशकों से मनाई जा रही ‘नवाबी होली’ अब नए नाम से जानी जाएगी। प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने इस परंपरा का नाम बदलते हुए घोषणा की है कि अब यह होली हर साल ‘महादेव की होली’ के नाम से मनाई जाएगी।
दरअसल, सीहोर में लंबे समय से ‘नवाबी होली’ मनाने की परंपरा चली आ रही थी। इतिहास के अनुसार, आजादी से पहले भोपाल के नवाब होली के दूसरे दिन यानी भाई दूज के अवसर पर सीहोर पहुंचकर लोगों के साथ होली खेलते थे। इसी परंपरा के चलते इस उत्सव को ‘नवाबी होली’ कहा जाने लगा और यह परंपरा वर्ष 2021 तक जारी रही।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने इस परंपरा में बदलाव करते हुए कहा कि हिंदू समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ना चाहिए। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि होली जैसे पावन पर्व को भगवान शिव यानी महादेव के नाम से मनाया जाए। इसी के साथ उन्होंने घोषणा की कि अब सीहोर में हर साल ‘महादेव की होली’ खेली जाएगी।
पंडित मिश्रा के इस फैसले के बाद सीहोर में होली के उत्सव को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। कई लोग इसे हिंदू परंपरा से जोड़ने की पहल मान रहे हैं, तो वहीं इस बदलाव को लेकर सामाजिक और धार्मिक स्तर पर भी बहस तेज हो गई है।