Edited By Himansh sharma, Updated: 21 Jan, 2026 01:23 PM

जिला कलेक्ट्रेट उस समय अफरा-तफरी का केंद्र बन गया, जब लाड़ली बहना योजना का फॉर्म जमा होने की अफवाह ने सैकड़ों महिलाओं को वहां पहुंचा दिया।
कटनी: जिला कलेक्ट्रेट उस समय अफरा-तफरी का केंद्र बन गया, जब लाड़ली बहना योजना का फॉर्म जमा होने की अफवाह ने सैकड़ों महिलाओं को वहां पहुंचा दिया। आदिवासी प्रकोष्ठ, समाजवादी पार्टी समेत अन्य संगठनों के प्रदर्शन के दौरान वितरित एक सामान्य फॉर्म को महिलाएं लाड़ली बहना योजना का आवेदन पत्र समझ बैठीं।
अफवाह इतनी तेजी से फैली कि महिलाएं फॉर्म भरकर सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचने लगीं। हालात यह रहे कि आवक-जावक शाखा में करीब डेढ़ सौ से अधिक महिलाएं कतार में खड़ी नजर आईं। सभी को यही भरोसा था कि फॉर्म जमा करते ही उन्हें योजना का लाभ मिल जाएगा।
स्थिति तब और बिगड़ गई, जब कई महिलाओं ने फोन कर अपने रिश्तेदारों और मोहल्ले की अन्य महिलाओं को भी कलेक्ट्रेट बुला लिया। देखते ही देखते कार्यालय परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और जनसुनवाई से अलग महिलाओं के आवेदन लेने की नौबत आ गई।
अचानक बढ़ी भीड़ और फैले भ्रम के कारण प्रशासनिक अमला असहज स्थिति में नजर आया। अधिकारियों को महिलाओं को समझाइश देकर अफवाह शांत करनी पड़ी। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन और सूचना के अभाव की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी।