राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका, CGPSC घोटाले में SLP खारिज,चयनित अभ्यर्थियो को मिलेगी ज्वाइनिंग

Edited By Desh Raj, Updated: 26 Mar, 2026 05:32 PM

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सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को एक बडा झटका दिया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया है और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है।

(बिलासपुर): सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को एक बडा झटका दिया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया है और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है। दरअसल ये झटका बिलासपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) 2021 भर्ती मामले में राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। राज्य सरकार द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को खारिज करने के साथ ही चयनित अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग देने का रास्ता भी अब साफ हो गया है।

राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के निर्णय को चुनौती दी थी

दरअसल राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग देने के निर्देश दिए गए थे। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई और हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया गया, साथ ही  सरकार की याचिका खारिज कर दी गई है।

CGPSC घोटाले के बारे में जानिए...

तो आपको बता दें कि CGPSC 2021 भर्ती प्रक्रिया साल  2020 से साल  2022 के बीच आयोजित हुई थी। इसमें  डिप्टी कलेक्टर, DSP समेत 171 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। लेकिन इस प्रक्रिया में बड़ा आरोप है। आरोप है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई थी, प्रभावशाली परिवारों के उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाया गया है।

वहीं CBI जांच में भी खुलासा हुआ था कि प्रश्नपत्र लीक करके कुछ अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया गया। चार्जशीट में तत्कालीन चेयरमैन के साथ ही कई लोगों की भूमिका पर सवाल उठे थे। इस मामले में कई आरोपी जेल में हैं और कइयों के ट्रायल शुरू की उम्मीद जताई जा रही है।

सरकार ने सीबीआई जांच का हवाला देकर नियुक्ति स्थगन की बात कही थी

वहीं इस पूरे मामल में राज्य सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ताओं  ने तर्क दिया कि मामले में अनियमितताओं की सीबीआई जांच चल रही है, इसलिए जांच पूरी होने तक नियुक्तियों को स्थगित रखा जाना चाहिए।

लेकिन चयनित अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता और अधिवक्ता ने सरकार के तर्कों का विरोध किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि सीबीआई पहले ही अपनी अंतिम चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। लिहाजा सुप्रीम कोर्ट ने सारे तर्कों को ध्यान में रखते हुए सरकार की  दायर विशेष अनुमति याचिका को खारिज करते हुए अभ्यर्थियों के हक में फैसला दे दिया।

 

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