Edited By meena, Updated: 17 Mar, 2026 11:37 AM

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने मुकेश मल्होत्रा का विधानसभा निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया था। अदालत ने माना कि चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज दो आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई थी...
भोपाल: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने मुकेश मल्होत्रा का विधानसभा निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया था। अदालत ने माना कि चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज दो आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई थी। चुनाव में उम्मीदवारों को अपने ऊपर दर्ज सभी मामलों की जानकारी शपथपत्र में देना अनिवार्य होता है। जानकारी छिपाना चुनाव कानूनों का उल्लंघन माना जाता है, इसलिए कोर्ट ने उनका चुनाव रद्द कर दिया।
2. किसने दायर की थी याचिका
यह मामला उनके प्रतिद्वंद्वी रामनिवास रावत द्वारा दायर याचिका के बाद शुरू हुआ था। रावत ने अदालत में आरोप लगाया था कि मल्होत्रा ने अपने हलफनामे में दो अलग-अलग आपराधिक मामलों का विवरण नहीं दिया। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने फैसला देते हुए रामनिवास रावत को ही विधायक घोषित कर दिया।
3. अब सुप्रीम कोर्ट में क्या होगा
हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए मुकेश मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में अपील दायर की है। इस अपील पर 19 मार्च को सुनवाई होगी। मामला Justice J. B. Pardiwala और Justice K. V. Viswanathan की बेंच के सामने आएगा।
24 मार्च की समय सीमा क्यों महत्वपूर्ण
बताया जा रहा है कि अगर 24 मार्च तक सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे (रोक) नहीं मिलता है, तो मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन औपचारिक रूप से शून्य हो जाएगा और सीट पर उनका दावा खत्म हो सकता है।