Edited By Desh Raj, Updated: 21 Mar, 2026 07:14 PM

मध्य प्रदेश में प्रभारी मंत्रियों के एक काम से कार्यकर्ता और आम लोगों में अंसतोष पैदा हो रहा है। दरअसल MP में मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों से दूरी बनाते दिख रहे हैं।
(भोपाल): मध्य प्रदेश में प्रभारी मंत्रियों के एक काम से कार्यकर्ता और आम लोगों में अंसतोष पैदा हो रहा है। दरअसल MP में मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों से दूरी बनाते दिख रहे हैं। और तो और मंत्री इसके विपरीत प्रभारी मंत्री भोपाल में जिलों से पदाधिकारियों को बुलाकर बैठकें करने लगे हैं जिससे आम कार्यकर्ताओं औऱ लोगो में असंतोष पैदा हो रहा है।
प्रभारी मंत्री मकसद पर फेर रहे पानी
दरअसल जिलों में आम लोगों के साथ ही कार्यकर्ताओं के लिए मंत्रियों की उपलब्धता सहज रहे और साथ में विकास और प्रशासनिक कार्यों में भी दिक्कत न हो और काम सुचारु ढंग से चलते रहें इसके लिए पार्टी ने प्रभारी मंत्रियों को संबंधित जिलों में बैठने के निर्देश किए थे। लेकिन धीरे-धीरे प्रभारी मंत्री अपने दायित्व से विमुख हो रहे हैं। सरकार द्वारा बनाई प्रभारी मंत्रियों की व्यवस्था पर मंत्री ही पानी फेरते हुए नजर आ रहे हैं और प्रभारी मंत्रियों ने अपने जिलों से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं।
प्रभारी मंत्री भोपाल में ही जिलों से पदाधिकारियों को बुला करने लगे बैठकें
प्रभारी मंत्रियों का हाल ये है कि जिलों से सभी पदाधिकारियों को भोपाल बुलाकर ही बैठकें करने लगे हैं। जबकि संगठन के मद्देनजर मंत्रियों को जिले के कोर ग्रुप के साथ हर महीने बैठक करने के निर्देश थे। समझा जा सकता है कि प्रभारी मंत्री किस कदर सरकार के निर्देशों पर पानी फेरते हुए नजर आ रहे हैं।
इस कड़ी में मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और उदय प्रताप सिंह की बैठकें सामने आ रही है। पटेल ने 17 मार्च को भिंड जिला और उदय प्रताप ने 16 मार्च को कटनी जिला कोर ग्रुप की बैठक भोपाल में संपन कर ली। जबकि मंत्रियों को प्रभार के जिले में रात्रि विश्राम के भी निर्देश हैं। प्रहलाद सिंह अपने प्रभार के जिले में केवल दो रात ही रुके थे। लिहाजा इससे पार्टी कार्यकर्ता व आम लोग मंत्रियों के इस व्यवहार से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।