Edited By meena, Updated: 30 Aug, 2022 02:22 PM

मंगलवार को हरतालिका तीज पर्व पर तड़के से ही पुराने शहर में स्थित सौभाग्येश्वर महादेव मंदिर पर व्रत रखने वाली महिलाओं व युवकों की भीड़ रही। हालांकि मंदिर के पट सोमवार रात 12 बजे ही खुल गए थे। 84 महादेव मंदिर में 61 वें नंबर पर सौभाग्येश्वर महादेव...
उज्जैन(विशाल सिंह): मंगलवार को हरतालिका तीज पर्व पर तड़के से ही पुराने शहर में स्थित सौभाग्येश्वर महादेव मंदिर पर व्रत रखने वाली महिलाओं व युवकों की भीड़ रही। हालांकि मंदिर के पट सोमवार रात 12 बजे ही खुल गए थे। 84 महादेव मंदिर में 61 वें नंबर पर सौभाग्येश्वर महादेव मंदिर में हरतालिका तीज पूजन पर विशेष महत्व होता है। यही कारण है कि यहां बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचती है।

हरतालिका तीज पर्व पर विवाहित महिला अखंड सौभाग्य और युवतियों ने अच्छे वर की कामना के साथ मंगलवार को व्रत रखकर शिव पार्वती का पूजन अर्चन कर कथा का श्रवण किया। इस बार हरतालिका तीज हस्त नक्षत्र शुभ योग्य कन्या राशि में चंद्रमा की साक्षी में आ रही है। विधिवत तीज माता की पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि कुंवारी कन्याओं के लिए मनोवांछित जीवनसाथी की प्राप्ति तथा सुहागिनों के लिए सौभाग्य में वृद्धि के लिए इस व्रत को किया जाता है।
बालू के पत्थर से निर्मित है शिवलिंग
शहर के मध्य स्थित पटनी बाजार में 84 महादेव मंदिरों में 61 नंबर के सौभाग्यश्वर महादेव का मंदिर है। मंदिर के पुजारी उमेश पांडे के अनुसार मंदिर में स्थित शिवलिंग बालू रेती के पत्थर का है। यही कारण है कि हरतालिका तीज पर बालू के शिवलिंग के दर्शन पूजन के लिए महिलाएं यहां पहुंचती है। मान्यता है कि यहां पूजन करने से भगवान शिव सौभाग्य का वरदान देते हैं। व्रत करने वाली महिलाएं दिनभर निराहार रहकर भगवान शिव पार्वती की आराधना करती है। रात में जागरण कर भजन कीर्तन किए जाते हैं। अगले दिन सुबह शिप्रा नदी सहित आसपास के सरोवर में पूजन कर व्रत का समापन किया जाता है।