राहुल गांधी पर मंत्री उदय प्रताप का बड़ा हमला, बोले- 26 साल का काम 57 की उम्र में कर रहे

Edited By Himansh sharma, Updated: 30 Sep, 2026 05:43 PM

uday pratap singh targets rahul gandhi over balaghat visit

मध्यप्रदेश सरकार के परिवहन और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह का मानना है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हर काम विलंब से करते हैं।

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार के परिवहन और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह का मानना है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हर काम विलंब से करते हैं। जो राजनीतिक गतिविधियां राहुल गांधी अभी कर रहे हैं, वह  वर्तमान समय से मेल नहीं खातीं। राहुल गांधी अपनी राजनीति में 30 साल पीछे चल रहे हैं। राहुल गांधी को संवदेनशील होने की जरूरत है। वे बालाघाट की परिस्थितियों को राजनीतिक रंग दे रहे हैं। उनका यह कदम उचित नहीं

कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह ने 30 सितंबर को मीडिया से कहा कि मैं हमेशा कोशिश करता हूं कि राहुल गांधी के बारे में कम से कम ही बोलूं। क्योंकि जब उनके बोलने का समय होता है, तब वे बोलते नहीं हैं और जब करने का समय होता है, तब वे करते नहीं हैं। हर चीज वे विलंब से कर रहे हैं। जो काम 25, 26 या 28 वर्ष की उम्र में एक नौजवान राजनेता करता है, वे काम राहुल जी 56-57 वर्ष की उम्र में कर रहे हैं। स्वाभाविक रूप से उनकी राजनीति और राजनीतिक परिस्थितियां लगभग 30 वर्ष विलंब से चल रही हैं।

संवेदनशील नहीं कांग्रेस नेता

कैबिनेट मंत्री सिंह ने कहा कि आज राहुल गांधी बालाघाट जा रहे हैं। वर्ष 1999 में बालाघाट में तत्कालीन सरकार के एक मंत्री की नक्सलियों ने जिस निर्ममता से घर से बाहर खींचकर हत्या की और उनकी डेड बॉडी को रखकर परेड की, उस समय इन्हें चिंता नहीं हुई। उस समय इनकी उम्र भी बहुत कम नहीं थी। राहुल गांधी लगभग 30-32 वर्ष की उम्र में राजनीति कर रहे थे। उनकी माता पूरी राजनीति संभाल रही थीं। सिंह ने कहा कि उस बड़ी दुर्घटना के समय राहुल गांधी ने वहां जाने की चिंता नहीं की। उन्होंने कोई संवेदना व्यक्त नहीं की। मंत्री सिंह ने कहा कि जब नक्सलवाद अपने चरम प्रभाव में था और आए दिन घटनाएं हो रही थीं, तब भी कभी राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात नहीं की। उन्होंने कहा कि आज जब बालाघाट में बीमारी और विपरीत मौसम की परिस्थितियों के कारण स्थिति अलग है, तब वहां जाना और उस विषय को राजनीतिक रूप देना उचित नहीं है।
 
गृह मंत्री शाह और सीएम डॉ. यादव लाए बड़ा बदलाव

कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मैंने स्वयं प्रभारी मंत्री के नाते वहां देखा है कि नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए देश के गृह मंत्री अमित शाह और हमारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूरा फोकस करते हुए पूरी ताकत के साथ काम किया है। नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण के बाद ही हम वहां पहुंचने लगे, सरकार की व्यवस्थाएं वहां पहुंचीं, अधिकारी जाने लगे और लोगों को शहरों तथा कस्बों से जोड़ने का काम हुआ। बैगा समाज के जो लोग पहले बाजारों और कस्बों तक नहीं आते थे, उन्हें भी मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया गया। ऐसे बदलते हुए परिवेश में सकारात्मक भूमिका निभाने के बजाय यदि कोई राजनीतिक रूप से वातावरण को प्रभावित करने का प्रयास करता है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। 

वातावरण खराब न करे कांग्रेस

कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मैं स्पष्ट रूप से कह रहा हूं कि राहुल गांधी का वहां जाना संवेदना के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिकरण के लिए है। यदि वास्तव में संवेदना की भावना होती, तो पूर्व में हुई ऐसी अनेक घटनाओं के समय भी वहां पहुंचते और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते। मैं यह बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि वर्ष 2014 के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का नेतृत्व संभाला, तब आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं पर नियंत्रण के लिए जिस ताकत और गंभीरता के साथ काम हुआ, वह महत्वपूर्ण है। हम इसके लिए उनका धन्यवाद करते हैं। नक्सलवाद के खिलाफ भी केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से प्रभावी कार्रवाई हुई है। ऐसे समय में जब सकारात्मक बदलावों की प्रशंसा और समर्थन होना चाहिए, तब राजनीतिक कारणों से वातावरण को खराब करने का प्रयास नहीं होना चाहिए। मंत्री सिंह ने कहा कि जब चिंता करने का समय था, तब चिंता नहीं की गई और आज बदली हुई परिस्थितियों में राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

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