Edited By Himansh sharma, Updated: 18 Sep, 2026 04:06 PM

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर इंदौर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
इंदौर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर इंदौर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कार्यक्रम की अनुमति, सुरक्षा व्यवस्था, रूट और आयोजन से जुड़ी औपचारिकताओं को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर कार्यक्रम को रोकने के लिए अलग-अलग अड़चनें खड़ी करने का आरोप लगाया।
जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्रम की अनुमति को लेकर लगातार नए मुद्दे सामने लाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा से जुड़े विषयों में पुराने मामलों का हवाला देना राजनीतिक दुर्भावना को दर्शाता है। पटवारी के मुताबिक, पहले कार्यक्रम के रूट और अब फीस अथवा राशि जमा करने जैसे विषयों को लेकर स्थिति उलझाई जा रही है।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस किसी भी दबाव के आगे पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोजन को लेकर पार्टी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करेगी, लेकिन छात्रों से जुड़े इस कार्यक्रम को रद्द नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि ‘छात्रों की गूंज’ के जरिए शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संवाद की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार पर विपक्ष के कार्यक्रमों को लेकर अलग-अलग नियम अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के दौरे के दौरान जिस तरह प्रशासनिक व्यवस्थाएं की जाती हैं, उसी तरह राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर भी प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश में हाल की घटनाओं को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार उत्सव और दीप प्रज्ज्वलन की तैयारियों में व्यस्त है, जबकि सागर और देवास में हुई घटनाओं को लेकर संवेदना और जिम्मेदारी के साथ प्रतिक्रिया अपेक्षित थी।
सिंघार ने कहा कि प्रदेश के युवाओं और छात्रों में सरकार के कामकाज को लेकर सवाल हैं और कांग्रेस इन्हीं मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने दावा किया कि छात्र शिक्षा, रोजगार और अपने भविष्य से जुड़े विषयों पर अपनी आवाज बुलंद करना चाहते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दोनों नेताओं ने यह संदेश देने की कोशिश की कि प्रशासनिक अनुमति से जुड़े विवादों के बावजूद कांग्रेस ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर पीछे नहीं हटेगी।