तू दो कौड़ी की कर्मचारी और मैं एक IAS अधिकारी, मैं किसी मंत्री की नहीं सुनता, मैं अपने दम से IAS अफसर  बना हूं

Edited By Desh Raj, Updated: 28 Apr, 2026 07:24 PM

you are a worthless employee and i am an ias officer

तू दो कौड़ी की कर्मचारी है और मैं एक IAS अधिकारी हूँ, तेरे को जहाँ लगें वहाँ जाकर शिकायत कर, मंत्री से फोन करवाती है”  “मैं किसी मंत्री की नहीं सुनता, ना ही किसी मंत्री की बात करता हूँ और मैं अपनी दम से IAS अधिकारी बना हूँ,

जबलपुर (विवेक तिवारी): तू दो कौड़ी की कर्मचारी है और मैं एक IAS अधिकारी हूँ, तेरे को जहाँ लगें वहाँ जाकर शिकायत कर, मंत्री से फोन करवाती है”  “मैं किसी मंत्री की नहीं सुनता, ना ही किसी मंत्री की बात करता हूँ और मैं अपनी दम से IAS अधिकारी बना हूँ, ना ही किसी मंत्री या आई.ए.एस./आई.पी.एस. की सिफारिश पर नौकरी में आया हूँ” आगे कहा गया है कि “तू भी किसी मंत्री की मत बात कर।” ये वो शब्द  हैं जो जबलपुर में प्रशासनिक कार्यकारी दिलप्रीत भल्ला ने 2021 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अरविंद शाह पर बोलने के आरोप लगाए हैं।

अरविंद शाह जबलपुर में स्मार्ट सिटी के सीईओ हैं। शाह पर प्रशासनिक कार्यकारी दिलप्रीत भल्ला को धमकाने और गालियां देने का आरोप है। मामला प्रशासनिक कार्यकारी के वेतन को रोकने से जुड़ा है। जानकारी ये है कि जब महिला कार्यकारी ने अपने वेतन को रोकने को लेकर अधिकारी से सवाल किया तो शाह गुस्से में आ गए और जो-जो मुंह मे आया वो बोलते गए। अधिकारी शाह ने कहा कि मैंने आपको कभी इस कार्यालय में कार्य करते हुए नहीं देखा है।  पीड़ित दिलप्रीत भल्ला इन अपमानित शब्दों को सुनकर ऐसी आहत हुई की आंखों से आंसू निकल गए।

आरोप है कि ऐसा सुनने के बाद दिलप्रीत  चेंबर से रोते हुए निकल रही थी तो अरविंद शाह ने कहा कि “निकल जा मेरे चेंबर से” और मंत्री को गाली भी दी। कहा  कि “मैं मंत्री को भी देख लूँगा।”

अधिकारी के ऐसे शब्दों से कर्मचारी और परिवार ने मंत्री राकेश सिंह से अवगत कराया गया। राकेश सिंह ने अपने शासकीय आवास पर वरिष्ठ अधिकारी को बुलाया। राघवेन्द्र सिंह, चेयरमैन, स्मार्ट सिटी/कलेक्टर, जिला जबलपुर एवं  रामप्रकाश अहिरवार, कार्यकारी निदेशक, स्मार्ट सिटी /आयुक्त, नगर निगम  के समक्ष  अरविंद शाह को बुलाया।

लेकिन आरोप है कि  मंत्री की समझाइस के बाद अरविंद शाह ने कहा कि मेरी भाषा भले ही गलत रही होगी परंतु मेरा भाव गलत नहीं था। लिहाजा मामला सीएम मोहन तक पहुंच चुका है और महिला कर्मचारी ने शपथपूर्वक शिकायत की है। जिसमें एक एक शब्द का उल्लेख किया गया है।

 

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