Edited By meena, Updated: 17 Apr, 2026 09:06 PM

मध्य प्रदेश में हाल ही में बड़े स्तर पर कलेक्टरों के तबादलों हुए हैं, अब मंत्रालय स्तर पर राज्य में बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों...
भोपाल : मध्य प्रदेश में हाल ही में बड़े स्तर पर कलेक्टरों के तबादलों हुए हैं, अब मंत्रालय स्तर पर राज्य में बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों की तबादला सूची जारी हो सकती है। इस संभावित सूची में कई अहम विभागों में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे शासन व्यवस्था में नई गति लाने की कोशिश की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में बदलाव संभव
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव पी नरहरि के केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जाने के कारण उनके स्थान पर नए अधिकारी की नियुक्ति तय मानी जा रही है। वहीं माध्यमिक शिक्षा मंडल में स्मिता भारद्वाज के सेवानिवृत्त होने के बाद अभी अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था है, जिसे अब स्थायी रूप से भरा जाएगा। इस फेरबदल में करीब एक दर्जन अधिकारियों के विभाग प्रभावित हो सकते हैं, खासकर वे अधिकारी जो एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इनमें अशोक वर्णवाल, शिव शेखर शुक्ला और रश्मि अरुण शमी जैसे वरिष्ठ नाम चर्चा में हैं।
नए चेहरों को मिल सकता है मौका
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस संभावित फेरबदल में कुछ संभागीय आयुक्तों को सचिव बनाकर मंत्रालय में लाया जा सकता है। महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव जी वी रश्मि का नाम भी चर्चाओं में है। यह बदलाव प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और जिम्मेदारियों के संतुलित वितरण के उद्देश्य से किए जाने की संभावना है, ताकि कार्यों में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय में हलचल
मुख्य सचिव अनुराग जैन के दिल्ली जाने की अटकलें भी जोरों पर हैं। चर्चा है कि उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय या नीति आयोग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यालय में भी बदलाव देखने को मिला है। कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सचिव और सुधीर कोचर को उपसचिव के रूप में पदस्थ किया गया है, जबकि विकास मिश्रा को कलेक्टर बनाकर भेजा गया है। इन परिवर्तनों के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यों का नए सिरे से विभाजन किया जाना लगभग तय माना जा रहा है।