CGPSC भर्ती घोटाले में बड़ी कार्रवाई, रिटायर्ड IAS जेके ध्रुव के घर तड़के छापा; मचा हड़कंप

Edited By Vandana Khosla, Updated: 03 Jun, 2026 12:47 PM

major action in cgpsc recruitment scam early morning

भिलाई (हेमंत पाल): छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC भर्ती घोटाला मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। बुधवार तड़के भिलाई में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जेके ध्रुव के निवास पर हुई छापेमार कार्रवाई ने एक बार फिर इस मामले को...

भिलाई (हेमंत पाल): छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC भर्ती घोटाला मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। बुधवार तड़के भिलाई में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जेके ध्रुव के निवास पर हुई छापेमार कार्रवाई ने एक बार फिर इस मामले को सुर्खियों में ला दिया है। रात के सन्नाटे में शुरू हुई इस कार्रवाई को लेकर पूरे प्रदेश में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

CGPSC भर्ती घोटाला मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार सुबह करीब 2 बजे अधिकारियों की एक टीम भिलाई के सेक्टर-10 स्थित रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जेके ध्रुव के निवास पहुंची और दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान घर के बाहर सुरक्षा बल के जवान तैनात रहे, जिससे इलाके में हलचल का माहौल बन गया।

हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि छापेमारी किस जांच एजेंसी द्वारा की जा रही है। न तो किसी एजेंसी ने आधिकारिक बयान जारी किया है और न ही कार्रवाई को लेकर कोई औपचारिक जानकारी सामने आई है। इस रहस्य ने मामले को और अधिक चर्चित बना दिया है।

दरअसल, CGPSC भर्ती घोटाला राज्य सेवा परीक्षा 2020, 2021 और 2022 की भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा हुआ है। आरोप हैं कि चयन प्रक्रिया के दौरान गंभीर अनियमितताएं हुईं और प्रभावशाली लोगों से जुड़े अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की गई। भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों ने इस मामले को प्रदेश के सबसे चर्चित विवादों में शामिल कर दिया है।

जांच एजेंसियां पेपर लीक, चयन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, पदों के दुरुपयोग और प्रभाव के आधार पर चयन जैसे आरोपों की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही हैं। इसी क्रम में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और प्रशासनिक निर्णयों की भी पड़ताल की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार जांच के दायरे में कई पूर्व अधिकारी और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े जिम्मेदार लोग हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र प्रबंधन और अंतिम चयन सूची तैयार करने की प्रक्रिया में कहीं कोई नियम विरुद्ध हस्तक्षेप तो नहीं हुआ। इसी कारण लगातार दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।

भिलाई में हुई ताजा कार्रवाई को जांच की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। प्रदेशभर के हजारों अभ्यर्थियों की नजर अब इस मामले पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच और तेज हो सकती है तथा कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

 

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