कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव के संकेत! बदले जा सकते हैं जिलाध्यक्ष, 6 नेताओं से पद वापस लेने की तैयारी

Edited By meena, Updated: 03 Jun, 2026 05:41 PM

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मध्य प्रदेश कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अभी से तैयारियां शुरु कर दी है। पार्टी हाईकमान ने संगठन को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर तैयारी शुरु कर दी है। इसी कड़ी में पार्टी अपने विधायकों को संगठनात्मक...

भोपाल : मध्य प्रदेश कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अभी से तैयारियां शुरु कर दी है। पार्टी हाईकमान ने संगठन को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर तैयारी शुरु कर दी है। इसी कड़ी में पार्टी अपने विधायकों को संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त कर उन्हें पूरी तरह विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय करने की तैयारी कर रही है। पार्टी ऐसे नेताओं को जिनके पास दो दो जिलों के अतिरिक्त प्रभार है उन्हें एक प्रभार से मुक्त करने वाली है। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यदि विधायक संगठन के अतिरिक्त दायित्वों से मुक्त होंगे तो वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में अधिक समय दे सकेंगे। इसके साथ ही ऐसे निष्क्रिय नेताओं से भी पद छीन सकती है जिनकी परफॉर्मेंस अच्छी नहीं रही है।

10 जिलाध्यक्षों पर संगठन की टेढ़ी नजर

कांग्रेस संगठन जल्द ही ऐसे जिलाध्यक्षों को बदल सकता है जिनकी परफॉर्मेंस सही नहीं है। दरअसल, हाल ही में संगठन सृजन अभियान के तहत जिलाध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों की सक्रियता का मूल्यांकन किया गया था। इस समीक्षा में प्रदेश के लगभग 10 जिलाध्यक्षों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कम पाया गया। इनमें कुछ वर्तमान और कुछ पूर्व विधायक शामिल हैं।

6 विधायक संभाल रहे हैं दोहरी जिम्मेदारी

संगठन ने कई विधायकों को संगठन सृजन अभियान के बाद जिला कांग्रेस कमेटियों की जिम्मेदारी सौंपी थी। इनमें जयवर्धन सिंह, महेश परमार, सिद्धार्थ कुशवाहा, ओमकार सिंह मरकाम तथा संजय उइके शामिल हैं। इनके अलावा 21 पूर्व विधायकों को भी विभिन्न जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इन विधायकों से वापस लिए जा सकते हैं पद

सिद्धार्थ कुशवाहा

सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा वर्तमान में पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सतना जिलाध्यक्ष दोनों पदों पर हैं। पार्टी हाईकमान के मुताबिक, आगामी चुनाव में सतना सीट पर मुकाबला और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त कर विधानसभा क्षेत्र में अधिक सक्रिय रहने की सलाह दी जा सकती है।

ओमकार सिंह मरकाम

ओमकार सिंह मरकाम केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य हैं इसके साथ साथ वे डिंडौरी जिलाध्यक्ष और आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। ऐसे में आदिवासी राजनीति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए पार्टी उनसे जिलाध्यक्ष का पद वापस ले सकती है।

जयवर्धन सिंह

जयवर्धन सिंह गुना जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। जयवर्धन सिंह एक युवा और सुलझे हुए पार्टी कार्यकर्ता है ऐसे में पार्टी हाईकमान उन्हें उन क्षेत्रों में संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी दे सकती है कांग्रेस पिछली बार हार गई थी। ऐसी स्थिति में उन्हें जिला अध्यक्ष पद से मुक्त किया जा सकता है।

महेश परमार

महेश परमार उज्जैन ग्रामीण जिला कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। संगठनात्मक स्तर पर उनका प्रदर्शन बेहतर है, लेकिन ताराना क्षेत्र में भाजपा की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए पार्टी उन्हें विधानसभा क्षेत्र पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए कह सकती है।

जल्द हो सकता है संगठनात्मक बदलाव- डॉ संजय कामले

प्रदेश कांग्रेस के संगठन महामंत्री डॉ. संजय कामले का कहना है कि संगठन सृजन अभियान के दौरान जिन जिलाध्यक्षों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है, उनके संबंध में निर्णय लिया जा सकता है। उन्होंने संकेत दिए कि पार्टी संगठनात्मक मजबूती को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और जरूरत पड़ने पर पदों में बदलाव किया जाएगा, चाहे संबंधित पदाधिकारी विधायक ही क्यों न हों।

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