Edited By Himansh sharma, Updated: 28 Jun, 2026 03:53 PM

छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस में चुनावी प्रक्रिया के बीच संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस में चुनावी प्रक्रिया के बीच संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब तक प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे अमित पठानिया की जगह डॉ. स्मृति रंजन लेंका को नई जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि इस बदलाव को लेकर कांग्रेस की ओर से अब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन हाल ही में जारी स्टार परफॉर्मर सूची पर डॉ. लेंका के हस्ताक्षर सामने आने के बाद संगठन के भीतर इस बदलाव को लगभग तय माना जा रहा है।
यह निर्णय ऐसे समय सामने आया है, जब प्रदेश में यूथ कांग्रेस चुनाव को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। परिसीमन, चुनावी प्रक्रिया और पारदर्शिता को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। बढ़ते विवाद के कारण पहले नामांकन प्रक्रिया को भी स्थगित करना पड़ा था।
दरअसल, 24 मई को यूथ कांग्रेस चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। इसके तहत ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन परिसीमन को लेकर हुए विरोध के चलते निर्धारित कार्यक्रम प्रभावित हुआ और नामांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ानी पड़ी।
विवाद यहीं नहीं रुके। हाल ही में जारी स्टार परफॉर्मर सूची को लेकर भी कई कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर की। चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर संगठन के भीतर लगातार सवाल उठते रहे, जिससे नेतृत्व पर दबाव बढ़ता गया।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार सदस्यता अभियान और मतदान की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जानी है। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए 18 से 35 वर्ष की आयु सीमा तय की गई है। आवेदन के साथ वोटर आईडी, आयु संबंधी दस्तावेज, लाइव फोटो और 8 सेकंड का वीडियो अपलोड करना अनिवार्य रखा गया है। साथ ही 'एक व्यक्ति-एक पद' का नियम भी लागू किया गया है, जिसके तहत कोई भी नेता केवल एक ही पद के लिए दावेदारी कर सकता है। प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी के महत्वपूर्ण पदों पर अंतिम निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद होगा। इसके लिए दावेदारों का दिल्ली में इंटरव्यू भी लिया जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी प्रक्रिया के बीच प्रभारी बदलना केवल सामान्य प्रशासनिक फैसला नहीं है। इसे संगठन के भीतर बढ़ते असंतोष, लगातार मिल रही शिकायतों और चुनाव को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस ने अभी तक इस बदलाव के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।