Edited By meena, Updated: 03 Jul, 2026 07:27 PM

शुक्रवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर बड़ी अंतर्कलह सामने आई। यहां राज्य कांग्रेस सचिव और प्रवक्ता राकेश यादव ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया और प्रदेश कांग्रेस...
इंदौर : शुक्रवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर बड़ी अंतर्कलह सामने आई। यहां राज्य कांग्रेस सचिव और प्रवक्ता राकेश यादव ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और राज्य प्रभारी हरीश चौधरी पर कई आरोप लगाए। साथ ही, उन्होंने ज़मीन आवंटन के हालिया विवाद पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का बचाव भी किया।
इस्तीफ़ा देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा कि उन्हें टीवी डिबेट में हिस्सा लेने के लिए कांग्रेस पार्टी से नोटिस मिला था, इसलिए उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया। उन्होंने पटवारी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए और कहा कि वे मध्य प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने के लायक नहीं हैं।
यादव ने आरोप लगाया, "आज मैंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है। जीतू पटवारी मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लायक नहीं हैं। वे भले ही वरिष्ठ नेताओं के करीबी हों, लेकिन इस पद के लिए उपयुक्त नहीं हैं।" यादव ने कहा कि उन्होंने तीन दशकों से ज़्यादा समय तक अलग-अलग संगठनात्मक भूमिकाओं में कांग्रेस की सेवा की है और टीवी डिबेट में हिस्सा लेने के लिए नोटिस मिलने के बाद इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया। उन्होंने माना कि कांग्रेस नेतृत्व ने अपने नेताओं और प्रवक्ताओं को पार्टी के तीन दिवसीय 'मौन सत्याग्रह' के दौरान टीवी डिबेट में हिस्सा न लेने का निर्देश दिया था।
यादव ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने सवाल किया कि पार्टी मुख्यमंत्री मोहन यादव के ख़िलाफ़ अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने के बजाय मीडिया को क्यों दोषी ठहरा रही है, तो उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया।यादव ने आरोप लगाया, "मैंने पूछा कि कांग्रेस ने मीडिया को क्या सबूत दिए हैं। मेरे सवाल का जवाब देने के बजाय, मुझे यह पूछते हुए नोटिस भेजा गया कि मैंने उन दो दिनों के दौरान टीवी डिबेट में हिस्सा क्यों लिया।" यादव ने आगे दावा किया कि पटवारी ज़मीन आवंटन के मुद्दे पर "अपने ही आरोपों में फंस गए" हैं।
'भारत न्यास ट्रस्ट' विवाद का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बाद में स्पष्ट किया था कि पिछली कांग्रेस सरकारों के दौरान भी अस्पतालों सहित कई संगठनों को ज़मीन आवंटित की गई थी। उन्होंने मीनाक्षी नटराजन से जुड़े राज्यसभा चुनाव में पार्टी की हार के लिए पटवारी और राज्य कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी को भी जिम्मेदार ठहराया। यादव ने आगे आरोप लगाया कि संगठनात्मक पुनर्गठन के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति करते समय पटवारी ने पैसे लिए थे।
यादव ने आरोप लगाया, "राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के लिए केवल जीतू पटवारी और हरीश चौधरी जिम्मेदार हैं। अगर आप बिना सबूत के मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हैं, तो आपको उनसे माफी मांगनी चाहिए।"
वहीं बीजेपी ने इस्तीफे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि पार्टी के ही एक वरिष्ठ नेता का सार्वजनिक हमला विपक्षी पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी और नेतृत्व संकट को दर्शाता है। भाजपा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने लिखा- कांग्रेस के प्रदेश महासचिव एवं प्रवक्ता राकेश यादव का अपनी ही पार्टी पर सार्वजनिक हमला इस बात का स्पष्ट संकेत है कि कांग्रेस नेतृत्व, नीति और नीयत—तीनों के गंभीर संकट से घिरी हुई है।