Edited By Desh sharma, Updated: 02 Jan, 2026 02:29 PM

उज्जैन से रेलवे स्टेशन पर जीआरपी हेड कॉन्स्टेबल की तत्परता और साहस से एक यात्री की जान बच गई जिसकी कापी सराहना हो रही है। हैंड कांस्टेबल की इस बहादुरी के लिए एसपी उनको सम्मानित करेंगें।
उज्जैन (विशाल ठाकुर): उज्जैन से रेलवे स्टेशन पर जीआरपी हेड कॉन्स्टेबल की तत्परता और साहस से एक यात्री की जान बच गई जिसकी कापी सराहना हो रही है। हैंड कांस्टेबल की इस बहादुरी के लिए एसपी उनको सम्मानित करेंगें।
दरअसल महाकाल मंदिर के दर्शन के लिए उज्जैन आए एक श्रद्धालु की जान जीआरपी हेड कॉन्स्टेबल की सूझबूझ और तत्परता से बच गई। उज्जैन रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान जीआरपी के प्रधान आरक्षक पवन धुर्वे ने गोल्डन टाइम में सीपीआर देकर बेहोश हुए यात्री को नया जीवन दिया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
घटना पिछले कल यानिकी 1 दिसंबर की है। उस दिन उज्जैन रेलवे स्टेशन पर महाकाल दर्शन के लिए जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ मौजूद थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 5 और 6 के बीच तैनात प्रधान आरक्षक पवन धुर्वे ने देखा कि उज्जैयनी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14309) के आगमन के समय देवी सिंह (30), निवासी ब्यावरा, की अचानक तबीयत बिगड़ गई। घबराहट के बाद वह प्लेटफॉर्म पर ही अचेत होकर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों को आशंका हुई कि उसे हार्ट अटैक आया है।
स्टेशन पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रधान आरक्षक धुर्वे ने बिना समय गंवाए मौके पर ही सीपीआर देना शुरू किया। यह समय यात्री के लिए गोल्डन आवर था। कुछ देर तक लगातार सीपीआर देने के बाद यात्री की हालत में सुधार आया और उसे होश आने लगा। वीडियो में परिजन और अन्य यात्री भी मौजूद दिखाई दे रहे हैं, जहां कुछ लोग मिर्गी का दौरा पड़ने की बात भी कह रहे थे। इस सराहनीय कार्य के लिए एसपी द्वारा प्रधान आरक्षक पवन धुर्वे को सम्मानित और पुरस्कृत किए जाने हेतु विभाग को पत्र भेजा गया है।