MP के बड़े अस्पताल की घटिया हरकत, बोले- 'बेटे की लाश चाहिए तो पहले कफन के लिए 500 दो' पीड़ित ने CM से की शिकायत

Edited By Vikas Tiwari, Updated: 05 Sep, 2025 03:19 PM

a major hospital in mp acted in a despicable manner

मध्य प्रदेश के सबसे बड़े अस्पतालों में शुमार ग्वालियर का जयारोग्य अस्पताल (JAH) समूह एक बार फिर विवादों में है। यहां सड़क हादसे में घायल हुए 19 वर्षीय युवक कृष्णा श्रीवास की मौत के बाद परिजनों से शव सौंपने से पहले कफन के लिए 500 रुपये वसूले जाने का...

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के सबसे बड़े अस्पतालों में शुमार ग्वालियर का जयारोग्य अस्पताल (JAH) समूह एक बार फिर विवादों में है। यहां सड़क हादसे में घायल हुए 19 वर्षीय युवक कृष्णा श्रीवास की मौत के बाद परिजनों से शव सौंपने से पहले कफन के लिए 500 रुपये वसूले जाने का गंभीर आरोप सामने आया है।

इलाज में लापरवाही का आरोप
मुरैना निवासी कृष्णा श्रीवास को 30 अगस्त को सड़क हादसे में गंभीर चोटें आई थीं। परिजन उसे जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। मृतक के मामा और भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के संभागीय मीडिया प्रभारी पवन सेन ने आरोप लगाया कि कृष्णा को समय पर और सही इलाज नहीं मिला। पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद प्लास्टर चढ़ाने में दो दिन लगा दिए गए।
इलाज के दौरान सीनियर डॉक्टरों की अनुपस्थिति रही और जिम्मेदारी अनुभवहीन जूनियर डॉक्टरों पर छोड़ दी गई। 

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शव सौंपने से पहले मांगे पैसे, CM से की शिकायत
पवन सेन ने बताया कि कृष्णा की मौत के बाद परिजन जब पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, तो कर्मचारियों ने कफन के लिए 500 रुपये की मांग की। अस्पताल अधीक्षक को जानकारी देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ और अंततः परिजनों को मजबूरी में पैसे देने पड़े। पवन सेन ने इस मामले को सोशल मीडिया पर उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को टैग कर अपील की कि सरकार को अस्पतालों में व्याप्त भ्रष्टाचार और अव्यवस्था पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

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अस्पताल प्रशासन की सफाई
जेएएच के सहायक अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र वर्मा ने कहा कि यदि कफन के नाम पर पैसे वसूले गए हैं, तो यह पूरी तरह गलत है। विभाग प्रमुख से जवाब तलब किया गया है। ट्रॉमा सेंटर में सीनियर डॉक्टरों की ड्यूटी का रोस्टर मंगाया गया है। आउटसोर्स कर्मचारी को सेवा से हटाया भी गया है।

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