आदि लोकोत्सव 2025: गोवा में बोले मुख्यमंत्री साय, लोकसंस्कृति और जनजातीय गौरव से मजबूत होगा राष्ट्रबोध

Edited By Vikas Tiwari, Updated: 09 Jan, 2026 08:18 PM

adilokotsav 2025 reflects tribal pride and national spirit cm vishnu deo sai

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि आदि लोकोत्सव लोकसंस्कृति, जनजातीय गौरव और राष्ट्रबोध का जीवंत संगम है। वे गोवा के आदर्श ग्राम अमोन, पोंगुइनिम में आयोजित आदि लोकोत्सव पर्व–2025 में शामिल हुए और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर गोवा...

रायपुर (पुष्पेंद्र सिंह): मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि आदि लोकोत्सव लोकसंस्कृति, जनजातीय गौरव और राष्ट्रबोध का जीवंत संगम है। वे गोवा के आदर्श ग्राम अमोन, पोंगुइनिम में आयोजित आदि लोकोत्सव पर्व–2025 में शामिल हुए और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और लोकगीत, लोकनृत्य व परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान को जीवंत रखती हैं। उन्होंने 25 वर्षों से इस उत्सव के सफल आयोजन के लिए गोवा सरकार की सराहना की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा, रानी दुर्गावती सहित जनजातीय वीरों के बलिदान को स्मरण किया और कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय सेनानियों को देशव्यापी सम्मान और पहचान दिलाई है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधुर और गेंद सिंह के योगदान को भी रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय नायकों की स्मृति को सहेजने के लिए नया रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का निर्माण किया गया है, जो देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है। उन्होंने सभी को छत्तीसगढ़ आकर इसे देखने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज जनजातीय समाज की बेटी देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति के रूप में आसीन हैं और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री बनना समावेशी सोच का प्रमाण है। उन्होंने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना को जनजातीय विकास की दिशा में अहम बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सल प्रभावित राज्य की छवि से बाहर निकलकर शांति, विकास और निवेश के नए युग में प्रवेश कर चुका है। नई औद्योगिक नीति के तहत राज्य को अब तक 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।  

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