Edited By Vikas Tiwari, Updated: 25 Sep, 2025 01:12 PM

मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई बुधवार से शुरू होने वाली थी, लेकिन अब इसे 8 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया है। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि हम तैयार हैं, आप नहीं। बुधवार को अटॉर्नी जनरल आर....
भोपाल: मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई बुधवार से शुरू होने वाली थी, लेकिन अब इसे 8 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया है। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि हम तैयार हैं, आप नहीं। बुधवार को अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और मध्यप्रदेश सरकार के वकीलों ने कोर्ट से 27% ओबीसी आरक्षण पर लागू अंतरिम स्टे हटाने की मांग की। वहीं सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की ओर से वकीलों ने बताया कि उन्हें 23 सितंबर को MP सरकार की ओर से 15 हजार पेज के दस्तावेज मिले हैं, जिनका अध्ययन करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है।
कांग्रेस ने मोहन सरकार को घेरा
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई स्थगित होने के बाद एमपी कांग्रेस ने मोहन सरकार पर हमला किया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर आरोप लगाया कि सरकार बहस करने को तैयार नहीं है और 27% आरक्षण देने से बच रही है। जीतू ने लिखा, कि ‘ओबीसी आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई थी, लेकिन वकीलों की तैयारी की कमी के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई। माननीय न्यायालय ने फिर फटकार लगाते हुए कहा कि 'लगता है आप बहस ही नहीं करना चाहते।’ उन्होंने आगे कहा, "27% ओबीसी आरक्षण का मामला बार-बार अदालतों में अटकता रहता है, लेकिन मोहन सरकार लगातार बहाने बनाकर ओबीसी वर्ग को भ्रमित कर रही है। मैं ओबीसी वर्ग के सभी भाइयों और बहनों को विश्वास दिलाता हूं कि चाहे कुछ भी हो जाए, हम 27% आरक्षण लेकर ही रहेंगे।"
भाजपा का पलटवार
वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह जनता को भ्रमित कर रही है। उनके अनुसार, प्रदेश सरकार के वकील सुप्रीम कोर्ट में पूरी गंभीरता से तथ्यों को पेश कर रहे हैं और सरकार 27% ओबीसी आरक्षण दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।