Edited By Desh Raj, Updated: 18 Apr, 2026 08:14 PM

दिग्विजय सिंह के भाई और पूर्व सांसद वरिष्ठ नेता लक्ष्मण सिंह शनिवार को इंदौर में थे, जहाँ उन्होंने मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और उसके प्रभावों पर आयोजित एक संगोष्ठी में हिस्सा लिया। मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र...
इंदौर (सचिन बहरानी): दिग्विजय सिंह के भाई और पूर्व सांसद वरिष्ठ नेता लक्ष्मण सिंह शनिवार को इंदौर में थे, जहाँ उन्होंने मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और उसके प्रभावों पर आयोजित एक संगोष्ठी में हिस्सा लिया। मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष दोनों के केंद्रीय नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने इस बिल के गिर जाने को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों पर हमला बोला।
महिला आरक्षण बिल गिरने के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों दोषी-लक्ष्मण सिंह
लक्ष्मण सिंह ने कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा से लेकर वर्तमान की बीजेपी सरकार पर भी आरोप लगाए और कहा कि जब पिछली सरकार में बीजेपी के पास पूर्ण बहुमत था तब बिल पेश क्यों नहीं किया गया?
लक्ष्मण सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण बिल पहली बार 1996 में देवगौड़ा सरकार के समय पेश हुआ था, लेकिन सर्वसम्मति न बनने पर उसे जेपीसी को भेज दिया गया। उसके बाद दस वर्ष यूपीए सरकार और पंद्रह वर्ष एनडीए की सरकार रही, फिर भी बिल पारित नहीं हुआ। उन्होंने पूछा कि पिछली संसद में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद यह बिल क्यों नहीं लाया गया, और हाल ही में इसे लाने पर भी चौवन वोट से कैसे गिर गया, जबकि एनडीए को अनुशासनप्रिय गठबंधन माना जाता है।
उन्होंने कांग्रेस पर भी आरोप लगाया कि समर्थन न देने से बिल पारित नहीं हो सका। सिंह ने कहा कि वर्तमान में महिलाओं से जुड़े अपराध 20% तक बढ़ गए हैं, पुलिस में महिलाओं की भर्ती और महिला थानों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। ऐसे में महिला आरक्षण बिल पर राजनीति करना गलत है। दोनों दल राष्ट्रपति से अनुरोध कर बिल को तुरंत पारित कराएँ, क्योंकि यह चुनाव का नहीं, देश की महिलाओं से जुड़ा मुद्दा है।