MP में परिवारवाद पर BJP का एक्शन! दिग्गज नेताओं के परिजनों के इस्तीफे, PM का फॉर्मूला लागू!

Edited By Vikas Tiwari, Updated: 11 Sep, 2025 12:33 PM

bjp takes action against nepotism

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल स्पष्ट कहा था कि ‘राजनीति में जमींदारी प्रथा खत्म होनी चाहिए और परिवारवाद की राजनीति में कोई गुंजाइश नहीं है’ इसी संदेश पर अमल करते हुए मध्यप्रदेश भाजपा संगठन ने अब कार्रवाई शुरू कर दी है।

भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल स्पष्ट कहा था कि ‘राजनीति में जमींदारी प्रथा खत्म होनी चाहिए और परिवारवाद की राजनीति में कोई गुंजाइश नहीं है’ इसी संदेश पर अमल करते हुए मध्यप्रदेश भाजपा संगठन ने अब कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने जिलों की कार्यकारिणी गठन के दौरान परिवारवाद पर रोक लगाने का सख्त नियम लागू किया। हाल ही में तीन जिलों में नेताओं के परिजनों को पद दिए गए थे। जैसे ही यह मामला सामने आया, प्रदेश संगठन ने तत्काल कदम उठाते हुए सभी से इस्तीफे ले लिए।

क्यों उठाया गया कदम?
पार्टी का कहना है कि परिवारवाद पर रोक इसलिए जरूरी है ताकि संगठन के लिए मेहनत करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं को उचित अवसर मिल सके। राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि बड़े नेताओं के परिजन ही पदों पर काबिज रहेंगे तो सामान्य कार्यकर्ताओं के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।

किनसे इस्तीफे लिए गए?

  • कैबिनेट मंत्री संपतिया उड़के की बेटी श्रद्धा उइके को मंडला की कार्यकारिणी में मंत्री बनाया गया था। विवाद बढ़ने पर उनसे पद छुड़वा लिया गया।
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते की बहन प्रिया धुर्वे को जिला उपाध्यक्ष बनाया गया था, बाद में उन्होंने भी इस्तीफा दिया।
  • पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम के बेटे राहुल गौतम को मऊगंज में उपाध्यक्ष बनाया गया था। चर्चा शुरू होते ही उन्होंने भी पद छोड़ दिया।


कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता
इन घटनाओं के बाद प्रदेश भाजपा ने सभी जिलाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कार्यकारिणी में केवल निष्ठावान और सक्रिय कार्यकर्ताओं को ही स्थान दिया जाए। संगठन ने साफ कर दिया है कि परिवारवाद पर अब कोई समझौता नहीं होगा।

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