Edited By Vikas Tiwari, Updated: 13 Jan, 2026 02:23 PM

मध्यप्रदेश में कांग्रेस के दलित एजेंडे को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। शर्मा ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में जातिगत संघर्ष और हिंदू-मुस्लिम...
भोपाल: मध्यप्रदेश में कांग्रेस के दलित एजेंडे को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। शर्मा ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में जातिगत संघर्ष और हिंदू-मुस्लिम टकराव की राजनीति की नींव दिग्विजय सिंह ने ही रखी।
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने सोची-समझी रणनीति के तहत समाज को बांटने का काम किया। ‘फूट डालो और राजनीति करो’ कांग्रेस का पुराना एजेंडा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में नेतृत्व केवल दिग्विजय सिंह के हितों के इर्द-गिर्द घूमता रहा। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस में कई बड़े नेताओं को योजनाबद्ध तरीके से हाशिए पर धकेला गया। कांतिलाल भूरिया को मुख्यमंत्री नहीं बनने दिया गया। सुभाष यादव और अरुण यादव को भी दरकिनार किया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘दिग्विजय सिंह का भला हुआ तो कांग्रेस का भला, उनका नुकसान हुआ तो कांग्रेस का बुरा।’ उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी दिग्विजय सिंह द्वारा राजनीतिक रूप से कमजोर किया जा रहा है।
सज्जन वर्मा को लेकर भी हमला
भाजपा विधायक ने पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह की सरकार में सज्जन वर्मा के विभाग की फाइलें तक नहीं चलती थीं। न तो उनकी बात सुनी जाती थी और न ही उन्हें महत्व दिया गया। शर्मा ने आरोप लगाया कि सज्जन वर्मा को अनुसूचित जाति वर्ग से होने के कारण जानबूझकर नजरअंदाज किया गया। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस आज दलितों की बात करने का दावा कर रही है, लेकिन उसके अपने इतिहास में दलित और पिछड़े नेताओं के साथ भेदभाव साफ नजर आता है