पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए आगे आएं नागरिक: CM विष्णुदेव साय का बड़ा आह्वान

Edited By Vikas Tiwari, Updated: 11 Apr, 2026 06:36 PM

cm sai urges citizens to join manuscript preservation drive in chhattisgarh

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि पांडुलिपियाँ हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान-वैभव की पहचान हैं, जिन्हें...

रायपुर (पुष्पेंद्र सिंह): मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि पांडुलिपियाँ हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान-वैभव की पहचान हैं, जिन्हें सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया “ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान” इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अभियान के तहत देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित और डिजिटल माध्यम से संरक्षित किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ताड़पत्र हैं, तो वे ज्ञानभारतम मोबाइल एप पर उनकी जानकारी दर्ज कर इस अभियान से जुड़ें। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही इस सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित किया जा सकता है।

प्रदेश में इस अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। 33 जिलों में से 26 जिलों में जिला स्तरीय समितियों का गठन हो चुका है, जबकि शेष जिलों में प्रक्रिया जारी है। सर्वेक्षण कार्य के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, प्रशिक्षण और क्षेत्रवार सर्वेक्षक तैनात किए जा रहे हैं। अब तक छत्तीसगढ़ में 4191 पांडुलिपियों का सर्वे किया जा चुका है, जबकि पहले 148 पांडुलिपियों की जानकारी प्राप्त थी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस अभियान से राज्य की समृद्ध ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिलेगी और यह धरोहर सुरक्षित रूप से आगे बढ़ेगी। 

 

 

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!