Edited By Vikas Tiwari, Updated: 31 Aug, 2025 03:23 PM

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। धीरेंद्र शास्त्री के हालिया बयान ने इस विवाद को और गहरा कर दिया...
छतरपुर: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। धीरेंद्र शास्त्री के हालिया बयान ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है।
इसे खबर को भी पढ़ें- सरकारी अधिकारी को धमकाने पर है इतने साल की जेल का प्रावधान! लेकिन BJP विधायक के खिलाफ अब तक कोई शिकायत तक नहीं...
धीरेंद्र शास्त्री ने दावा किया कि शंकराचार्य 'हर दो दिन में उन्हें गाली देते हैं' और इसे उन्होंने अपने लिए 'आशीर्वाद' करार दिया। उनके इस बयान ने सनातन धर्म के अनुयायियों के बीच बहस छेड़ दी। इसी बीच, गोटेगांव स्थित परमहंसी गंगा आश्रम के शास्त्री सोहन तिवारी ने इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि 'शंकराचार्य ने कभी किसी को गाली नहीं दी। बिना प्रमाण ऐसा कहना शास्त्र और लोकाचार के विरुद्ध है।' तिवारी ने धीरेंद्र शास्त्री से इस दावे का प्रमाण पेश करने की मांग की और उन्हें संवाद के लिए आश्रम में आमंत्रित भी किया।
सोहन तिवारी ने आगे कहा कि सनातन परंपरा में शंकराचार्य का पद सर्वोच्च माना जाता है और अपने गुरु की महिमा बढ़ाने के लिए दूसरे गुरु का अपमान करना अक्षम्य अपराध है। साथ ही उन्होंने अनुयायियों से सनातन धर्म की मर्यादा बनाए रखने और एकजुटता दिखाने की अपील की। यह विवाद अब धार्मिक और सामाजिक मंचों पर चर्चा का विषय बन चुका है। अनुयायी भी दो हिस्सों में बंटे नजर आ रहे हैं, कुछ लोग धीरेंद्र शास्त्री के बयान को उनका व्यक्तिगत विचार मान रहे हैं, तो कुछ इसे परंपरा और सम्मान के खिलाफ बता रहे हैं।