Edited By meena, Updated: 09 Apr, 2026 03:47 PM

मध्य प्रदेश नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियां शुरु हो चुकी है। निर्वाचन आयोग इसके लिए सक्रिया हो चुकी है। इसी बीच एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है...
भोपाल: मध्य प्रदेश नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियां शुरु हो चुकी है। निर्वाचन आयोग इसके लिए सक्रिया हो चुकी है। इसी बीच एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है कि मध्य प्रदेश में 2027 में नगरीय निकाय चुनाव लड़ना पहले से अधिक महंगा हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य सरकार प्रत्याशियों की जमानत राशि (Security Deposit) बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है।
चुनाव का पैमाना कितना बड़ा है?
प्रदेश में कुल नगरीय निकाय 413 है। जिसमें 16 नगर निगम , 99 नगर पालिका , 298 नगर परिषद और कुल वार्ड 7679 है। वहीं संभावित प्रत्याशियों की बात करें तो लगभग 1 लाख प्रत्याशी हो सकते हैं। इतने बड़े स्तर पर चुनाव होने के कारण यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रस्तावित नई जमानत राशि
| पद |
|
नई प्रस्तावित राशि |
| नगर निगम महापौर |
20,000 |
32,000 |
| नगर पालिका अध्यक्ष |
15,000 |
24,000 |
| नगर परिषद अध्यक्ष |
10,000 |
16,000 |
| नगर निगम पार्षद |
5,000 |
8,000 |
| नगर पालिका पार्षद |
3,000 |
4000 |
| नगर परिषद पार्षद |
1,000 |
संभावित वृद्धि हो सकती है |
नियम में क्या बदलाव होगा?
इस बदलाव को लागू करने के लिए मध्य प्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम-26 में संशोधन करना होगा। नगरीय विकास एवं आवास विभाग की मंजूरी के बाद ही नई दरें लागू होंगी।
जमानत राशि कब जब्त होती है?
यदि उम्मीदवार को कुल वैध मतों का 6% से कम वोट मिलता है। जमानत राशि जब्त हो जाती है। वहीं 6% या उससे अधिक वोट मिलने पर राशि वापस कर दी जाती है
चुनाव प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
वहीं पिछली बार महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष रुप में और अध्यक्ष चुनाव (नगर पालिका/परिषद) अप्रत्यक्ष रुप में हुए थे। इस बार सभी प्रमुख पदों पर प्रत्यक्ष चुनाव होंगे यानी जनता सीधे अपने प्रतिनिधि चुनेगी।
इसका क्या असर होगा?
- चुनाव लड़ना महंगा और गंभीर उम्मीदवारों तक सीमित हो सकता है
- फालतू या गैर-गंभीर उम्मीदवारों की संख्या कम हो सकती है
- राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अधिक संरचित और मजबूत हो सकती है