Edited By meena, Updated: 04 Apr, 2026 06:16 PM

मध्यप्रदेश में होने वाले आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। अभी सीटें आधिकारिक रूप से रिक्त नहीं हुई हैं, लेकिन भाजपा और कांग्रेस के बीच रणनीतिक मुकाबला शुरू हो चुका है...
भोपाल : मध्यप्रदेश में होने वाले आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। अभी सीटें आधिकारिक रूप से रिक्त नहीं हुई हैं, लेकिन भाजपा और कांग्रेस के बीच रणनीतिक मुकाबला शुरू हो चुका है। इस बार चुनाव में दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाती दिख रही हैं, लेकिन तीसरी सीट को लेकर शह-मात का खेल दिलचस्प हो गया है।
भाजपा की रणनीति साफ है कि किसी भी तरह कांग्रेस से तीसरी सीट छीनी जाए। इसके लिए पार्टी ऐसे प्रभावशाली उम्मीदवार की तलाश में है, जिसकी पकड़ कांग्रेस के भीतर भी मजबूत हो और जो क्रॉस वोटिंग कराने में सक्षम हो। यदि भाजपा उम्मीदवार कांग्रेस के करीब 7 विधायकों को अपने पक्ष में करने में सफल होता है, तो पार्टी राज्यसभा चुनाव में क्लीनस्वीप कर सकती है।
वहीं कांग्रेस भी पूरी तरह सतर्क हो गई है। पार्टी क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधते हुए मजबूत उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। इस कड़ी में पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल का नाम प्रमुखता से चर्चा में है, जिन्हें दोनों दलों में प्रभाव रखने वाला नेता माना जाता है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, हालिया घटनाक्रम जैसे विधायकों के कानूनी विवाद और संभावित असंतोष ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है। कांग्रेस के भीतर एक संभावित बगावत और कुछ विधायकों की स्थिति स्पष्ट न होने से तीसरी सीट पर समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
ऐसे में आगामी राज्यसभा चुनाव में तीसरी सीट का मुकाबला बेहद कांटे का होने की संभावना है, जहां दोनों पार्टियां अपने-अपने स्तर पर रणनीति बनाकर जीत सुनिश्चित करने की कोशिश में जुटी हैं।