Edited By meena, Updated: 06 Feb, 2026 05:22 PM

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिवनवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार सुबह विधिवत रूप से हुआ। 10 दिवसीय इस विशेष महोत्सव की शुरुआत कोटेश्वर ...
उज्जैन (विशाल सिंह) : विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिवनवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार सुबह विधिवत रूप से हुआ। 10 दिवसीय इस विशेष महोत्सव की शुरुआत कोटेश्वर महादेव के पूजन-अर्चन के साथ की गई। गर्भगृह में पुजारी घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में 11 ब्राह्मणों ने भगवान महाकाल का पंचामृत पूजन किया और एकादश-एकादशनी रुद्राभिषेक संपन्न कराया।
मान्यता के अनुसार, जिस प्रकार माता की आराधना के लिए नवरात्रि के नौ दिन मनाए जाते हैं, उसी परंपरा का निर्वहन देश में केवल उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवनवरात्रि के रूप में किया जाता है। इस वर्ष भी शिवनवरात्रि पर्व दिन में मनाया जा रहा है। सुबह कोटेश्वर भगवान का पूजन हुआ, वहीं शाम को भगवान महाकाल को चंदन का उबटन लगाकर स्नान कराया गया। जलधारी पर हल्दी अर्पित की गई।
दोपहर एक बजे भोग आरती के बाद अपराह्न तीन बजे पंचामृत पूजन हुआ। इसके पश्चात भगवान महाकाल का भांग से विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान को लाल, गुलाबी और पीले रंग के नवीन वस्त्र अर्पित कर भव्य श्रृंगार किया गया। मेखला, दुपट्टा, मुकुट, मुंड-माला और छत्र से बाबा महाकाल को अलंकृत किया गया।

ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में यह शिवनवरात्रि महोत्सव 6 फरवरी से 15 फरवरी तक मनाया जाएगा। इन नौ दिनों में प्रतिदिन भगवान महाकाल का अलग-अलग स्वरूपों में विशेष श्रृंगार किया जाएगा, जिनमें चंदन-भांग, शेषनाग, घटाटोप, छबीना, होलकर, मनमहेश, उमा-महेश और शिव तांडव श्रृंगार शामिल हैं। 15 फरवरी को सप्तधान का मुखौटा धारण कराया जाएगा। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।