हेलीकाप्टर को आकाश में उड़ता देख निहारते रहते थे श्रमिक बच्चे, बजाते थे तालियां, बिजनेसमैन ने समझी भावना और करा दी हवाई सैर

Edited By Desh sharma, Updated: 14 Jan, 2026 12:44 PM

a businessman from ujjain took working children on an airplane ride

दूसरों के दिल की ईच्छा को पूरा करना एक बड़ा नेक काम होता है। लेकिन इस काम को कोई-कोई ही पूरा कर पाता है। किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना कोई छोटा काम नहीं है। क्योंकि खुशियां बांटने से बढ़ती हैं और इसका जीवंत उदाहरण उज्जैन के एक व्यवसाई ने पेश किया है।

उज्जैन (विशाल ठाकुर): दूसरों के दिल की ईच्छा को पूरा करना एक बड़ा नेक काम होता है। लेकिन इस काम को कोई-कोई ही पूरा कर पाता है। किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना कोई छोटा काम नहीं है। क्योंकि खुशियां बांटने से बढ़ती हैं और इसका जीवंत उदाहरण उज्जैन के एक व्यवसाई ने पेश किया है।

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राजेश सिंह भदौरिया ने 11 बच्चों को कराई हवाई सैर

राजेश सिंह भदौरिया ने अपने जन्मदिन पर ऐसा किया जो किसी के सपने को पूरा कर गया। दरसअल उन्होंने अपने जन्मदिन को खास बनाते हुए इस्कॉन मंदिर के पीछे स्थित श्रमिक बस्ती के 11 बच्चों को ऐसा तोहफा दिया, जो उनके जीवन की सबसे यादगार सौगात बन गया। राजेश सिंह ने 11 बच्चों को हेलिकॉप्टर की सैर कराकर उनकी दिली ईच्छा को पूरा कराया। राजेश सिंह भदौरिया ने बच्चों को न केवल नए कपड़े और मिठाइयां भेंट कीं, बल्कि उन्हें उज्जैन के आसमान में उड़ने का अनोखा अनुभव भी कराया।

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बच्चों ने उज्जैन के आसपास से महाकाल मंदिर का शिखर भी देखा। हेली सेवा के अंतर्गत उपलब्ध हेलिकॉप्टर से इन बच्चों को दो चरणों में उज्जैन शहर की हवाई सैर करवाई गई। जैसे ही हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी, बच्चों के चेहरों पर उत्साह, खुशी और विश्वास साफ झलकने लगा। ऊपर से शहर, मंदिर, सड़कें और घर देखकर बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। यह पल उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था।

हेलिकॉप्टर को आसमान में देखकर बच्चे तालियां बजाते थे,राजेश ने समझी भावना

व्यवसाई राजेश सिंह भदौरिया उर्फ बंटी भदौरिया ने बताया कि वे जब भी इस्कॉन मंदिर जाते थे, तब श्रमिक बस्ती के बच्चों को देखते थे। बच्चे नागझिरी पुलिस लाइन से उड़ान भरते हेलिकॉप्टर को देखकर तालियां बजाते और उसे निहारते रहते थे। उसी मासूम खुशी और उत्सुकता ने उन्हें प्रेरित किया कि वे बच्चों को केवल आसमान देखने तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें उसमें उड़ने का वास्तविक अनुभव भी कराएं।

इस मानवीय पहल की शहरभर में सराहना हो रही है। लोग इसे एक प्रेरणादायक कदम बता रहे हैं, जो समाज में सकारात्मक सोच और संवेदनशीलता को बढ़ावा देता है। राजेश सिंह भदौरिया का यह जन्मदिन न केवल उनके लिए, बल्कि उन 11 बच्चों के लिए भी जिंदगी भर की याद बन गया।

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