कबाड़ी के पास नई वोटर लिस्ट मिलने से हड़कंप,लोगों की मौके पर लगी भीड़, SDM ने दी ये सफाई

Edited By Desh Raj, Updated: 25 Feb, 2026 07:10 PM

a new voter list was found with a scrap dealer causing a stir

दमोह जिले के हिंडोरिया से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां कबाड़ी के पास बड़ी तादाद में 2026 की नई वोटर लिस्ट मिलने के बाद हड़कंप मच गया है।  जिस व्यक्ति द्वारा रद्दी के साथ यह वोटर लिस्ट बेची दी थी उसने अपनी सफाई में कहा कि धोखे से यह...

दमोह (इम्तियाज़ चिश्ती): दमोह जिले के हिंडोरिया से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां कबाड़ी के पास बड़ी तादाद में 2026 की नई वोटर लिस्ट मिलने के बाद हड़कंप मच गया है।  जिस व्यक्ति द्वारा रद्दी के साथ यह वोटर लिस्ट बेची दी थी उसने अपनी सफाई में कहा कि धोखे से यह वोटर लिस्ट कबाड़े में चली गई।

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हड़कंप मचने के बाद दमोह  एसडीएम ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा  एक राजनीतिक दल के नेता के बच्चों द्वारा धोखे से कबाड़ी को दे दी थी। मामला उस समय सामने आया जब बुधवार दोपहर हिडोरिया बस स्टैंड पर  2026 की नई वोटर लिस्ट कबाड़ में मिली।

प्रत्यक्षदर्शियों ने कबाड़ी के पास वोटर लिस्ट देखी तो वह भी हैरान रह गये। क्योंकि एसआईआर सर्वे में बड़ी मेहनत के बाद यह नई वोटर लिस्ट तैयार हुई है।  जैसे ही लोगों को वोटर लिस्ट की जानकारी लगी तो मौके पर भीड़ जमा हो गई। बताया जा रहा है कि ये सूची एसआईआर प्रक्रिया के तहत तैयार की गई थी।जिसमें कई शिक्षकों और कर्मचारियों ने घर-घर जाकर डेटा संग्रह किया था।ऐसे में इतने संवेदनशील दस्तावेज का कबाड़ में मिलना गंभीर सवाल उठा रहे है।

रद्दी समझकर खरीदी

रद्दी के साथ वोटर लिस्ट लेने वाले कबाड़ी अबरार का कहना था उसे क्या पता था कि यह वोटर लिस्ट है उसे तो रद्दी के साथ बेची थी, लेकिन अब वापस भी कर रहे हैं।

बच्चों ने बेच दी थी वही वोटर लिस्ट

बेचने वाले राजाराम अहिरवार  का कहना है कि बच्चों ने रद्दी के साथ यह वोटर लिस्ट बेच दी थी।  वह घर पर नहीं थे जैसे ही उन्हें इस बात की जानकारी लगी तो तत्काल उन्होंने कबाड़ी के पास से  वोटर लिस्ट वापस ले ली है,  लेकिन यहां सवाल यह पैदा होता है कि यह आम व्यक्ति के पास यह नई वोटर लिस्ट कहां से आ गई।

दमोह एसडीएम  आरएल बागरी ने बताया कि हिंडोरिया क्षेत्र की मतदाता सूची कबाड़ी के पास मिलने की सूचना पर तत्काल जांच कराई गई।जांच में पाया गया कि हटा विधानसभा की प्रारूप मतदाता सूची की प्रतियां राजनीतिक दलों को वितरित की गई थीं।एक दल की प्रतियां नगर अध्यक्ष (हिंडोरिया) के यहां सुरक्षित रखी थीं।  जिन्हें अज्ञानतावश उनके पुत्र द्वारा अन्य व्यक्ति को दे दिया गया। जानकारी मिलते ही संबंधित अध्यक्ष ने सूचियां वापस प्राप्त कर लीं हैं।

 

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