Edited By Vandana Khosla, Updated: 12 May, 2026 12:27 PM

भोपालः मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एसपी ने भष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यहां कोहेफिजा थाना में तैनात एक आरक्षक और एफआरवी ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। पुलिस ने एफआरवी चालक सुनील मालवीय और आरक्षक यशराज तोमर को गिरफ्तार...
भोपालः मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एसपी ने भष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यहां कोहेफिजा थाना में तैनात एक आरक्षक और एफआरवी ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। पुलिस ने एफआरवी चालक सुनील मालवीय और आरक्षक यशराज तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
एसीपी अनिल वाजपेयी के अनुसार, अशोका पैलेस निवासी प्रतीक नारायण साहू ने 10 मई को शिकायत की थी। उसने बताया कि वह किराए के मकान में रहता है। उसकी मकान मालकिन आरती कपूर है। शिकायत में कहा गया कि दो पुलिसकर्मी और एक अन्य व्यक्ति उसके घर आए और मकान खाली करने का दबाव बनाने लगे। प्रतीक का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसका मोबाइल छीन लिया और धमकी दी कि उसे थाने ले जाकर किसी मामले में फंसा देंगे। इसके बाद मकान खाली करने के लिए समय देने के बदले 50 हजार रुपए रिश्वत मांगी गई। आरोपी उसे एटीएम से पैसे निकालने के लिए भी दबाव डाल रहे थे।
इसके बाद प्रतीक ने सीधे एसीपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत कर दी। शिकायत के बाद पुलिस ने जाल बिछाया। प्रतीक ने बताया कि उसके पास केवल 20 हजार रुपए हैं। इसके बाद पुलिस ने 500-500 रुपए के 40 नोट तैयार कर पंचनामा बनाया और उसे रिश्वत देने के लिए भेजा। आरोपियों ने प्रतीक को कोहेफिजा पुलिस सहायता केंद्र के पास बुलाया। वहां एफआरवी चालक सुनील मालवीय आया और जैसे ही उसने रिश्वत के 20 हजार रुपए लिए, पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। तलाशी में उसकी जेब से वही 20 हजार रुपए बरामद हुए, जिनके नंबर पहले से नोट किए गए थे।
पुलिस ने प्रतीक का मोबाइल भी आरोपी के पास से बरामद कर लिया। पूछताछ में सुनील मालवीय ने बताया कि उसने यह रकम आरक्षक यशराज तोमर के कहने पर ली थी। बाद में यशराज तोमर को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया, जहां उसने भी अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही पूरे थाने में तैनात पुलिसकर्मियों की गोपनीय जांच भी शुरू कर दी गई है।